Congress leaders staged a sit-in protest

Karnal में कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना, मुंह पर उंगली रख किया मौन धारण

राजनीति करनाल

Karnal में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज कांग्रेस नेताओं(Congress leaders) ने महात्मा गांधी चौक पर मुंह पर उंगली रखकर(kept a finger on their mouth) मौन व्रत(observed silence) किया और धरना दिया। यह धरना कांग्रेस विधायकों पर हो रही ईडी(ED) की कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में था।

बता दें कि धरने में शामिल कांग्रेस नेता त्रिलोचन सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी अब एक राजनीतिक हथियार बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर जबरन मुकदमे बनाने के लिए कर रही है। त्रिलोचन सिंह ने कहा कि ईडी का भाजपा द्वारा दुरुपयोग हो रहा है। अगर कोई शिकायत है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Congress leaders staged a sit-in protest - 2

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कानून में बदलाव कर दिया है, जिससे किसी को भी गिरफ्तार करके तीन महीने तक ट्रायल पर रखा जा सकता है। यह कानून सिर्फ विपक्षियों के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले पांच सालों में जितनी भी ईडी की रेड हुई हैं, क्या भाजपा या ईडी श्वेत पत्र जारी कर सकती है?

Whatsapp Channel Join

कांग्रेस का विरोध

त्रिलोचन सिंह ने कहा कि कांग्रेस इन हथकंडों से डरने वाली नहीं है। धरने में बैठे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार आने वाली है और इसी वजह से भाजपा घबराई हुई है। कांग्रेस नेता इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं।

Congress leaders staged a sit-in protest - 3

भाजपा ईडी का उठा रही लाभ

धरना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने अपने विरोध को जनता के सामने स्पष्ट रूप से रखा। इस घटनाक्रम से प्रदेश की राजनीति में हलचल मची हुई है और आगामी चुनावों के मद्देनजर यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ईडी का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेता त्रिलोचन सिंह ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा ने कानून में बदलाव कर दिया है जिससे किसी को भी गिरफ्तार करके तीन महीने तक ट्रायल पर रखा जा सकता है। यह कानून सिर्फ विपक्षियों के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में जितनी भी ईडी की रेड हुई हैं, क्या भाजपा या ईडी श्वेत पत्र जारी कर सकती है?

अन्य खबरें