Fatehabad के टोहाना से भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र बबली का ग्रामीणों द्वारा विरोध लगातार जारी है। बुधवार देर शाम भुना खंड के दौरे पर पहुंचे बबली को ग्रामीणों ने घेर लिया और उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बबली को अपना ट्रैक्टर पीछे हटाना पड़ा। हालांकि, बाद में उनके समर्थकों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत किया, जिसके बाद बबली ने नुक्कड़ सभा की और वहां से रवाना हो गए।
स्कूल अपग्रेड न होने से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों का गुस्सा पिछले साल से चल रही मांगों के पूरा न होने पर था। उन्होंने बताया कि गांव के सरकारी स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड करवाने की मांग पर छात्राओं ने धरना दिया था, लेकिन देवेंद्र बबली, जो उस समय पंचायत मंत्री थे, ने इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसी कारण जब बबली गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया और नारे लगाए।
किसान यूनियन लौटाएगी दान में दी गई राशि
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की जाखल ब्लॉक इकाई ने भी देवेंद्र बबली के साथ हुए विवाद के बाद गुरुद्वारा साहिब को दान में दिए गए 11 लाख रुपये लौटाने का निर्णय लिया है। यूनियन के राज्य सचिव अजय सिधानी ने बताया कि दो दिन पहले बबली के जाखल दौरे के दौरान किसानों ने उनसे सवाल पूछे थे, जिनका उत्तर बबली ने नहीं दिया। इसके बाद किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे, जिससे भाजपा कार्यकर्ता नाराज हो गए थे।
बबली के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने किसानों को धमकाया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस विवाद के चलते यूनियन ने बबली को 11 लाख रुपये का चेक वापस लेने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की शर्त रखी है।







