➤हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र कल से शुरू
➤विपक्ष काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरेगा
➤कानून व्यवस्था, उद्योग पलायन, प्रॉक्सी MLA, बेरोजगारी व किसानों के मुद्दे गूंजेंगे
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार, 22 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। विपक्ष ने इस बार सरकार को चारों तरफ से घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस का कहना है कि वह बिगड़ती कानून व्यवस्था पर काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार से जवाब मांगेगी।

थानेसर से विधायक एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर हैं। हर रोज हत्याएं, बलात्कार और फिरौती की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सारे काम छोड़कर सबसे पहले कानून व्यवस्था पर चर्चा करे और अपराध रोकने की योजना बताए।
अरोड़ा ने यह भी कहा कि चावल उद्योग का पलायन हरियाणा के लिए बड़ी चिंता का विषय है। करनाल और कैथल जैसे जिले जहां चावल उद्योग का केंद्र हैं, वहां से उद्योग मध्य प्रदेश की ओर जा रहा है। इससे प्रदेश में रोजगार की स्थिति और खराब होगी। बेरोजगारी पहले से ही बड़ी समस्या है और यदि उद्योग भी चले गए तो हालात और बिगड़ जाएंगे।
इसके साथ ही कांग्रेस ने सत्र में यूरिया की कमी, अवैध खनन, नशे की समस्या और हाल ही में किसानों की फसल को हुए नुकसान जैसे मुद्दों को भी उठाने की तैयारी की है।
BJP द्वारा विपक्षी खेमे में प्रॉक्सी MLA की चर्चा पर अरोड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा लगातार संविधान का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सभी विधायकों को बराबर अधिकार हैं। यदि भाजपा प्रॉक्सी MLA लगाने की कोशिश करती है तो यह प्रजातंत्र पर हमला है। हम इस मुद्दे को विधानसभा में जोर-शोर से उठाएंगे। और यदि सरकार ने इसे नहीं माना तो हम कह देंगे कि विधानसभा खुद ही चला ले, हम बाहर बैठ जाएंगे।”
लोकसभा में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गिरफ्तारी संबंधी बिल पर भी अरोड़ा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि सरकार इस तरह के बिलों के जरिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है।
चुनावी राजनीति पर निशाना साधते हुए अरोड़ा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पहले बोगस वोट से चुनाव जीतती रही है और अब वोट कटवाकर जीतने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के वोट काटने का मुद्दा जनता के सामने है और भाजपा इस तरह से लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
स्पष्ट है कि 22 अगस्त से शुरू हो रहा यह मानसून सत्र बेहद गरम रहने वाला है। विपक्ष कानून व्यवस्था, उद्योग पलायन, बेरोजगारी और प्रॉक्सी MLA जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगा, जबकि सरकार को हर आरोप पर मजबूती से जवाब देना होगा।