Haryana में लोकसभा चुनाव के बीच BJP को बड़ा झटका लगा है। राज्य की सैनी सरकार से 3 निर्दलीय विधायकों(MLA)ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। जिसके कारण भाजपा(BJP) के पास अब हरियाणा(Haryana) में केवल 43 एमएलए(MLA) का सपोर्ट(support) बाकी रह गया हैं। निर्दलीय विधायकों में पुंडरी से विधायक रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर और चरखी दादरी से विधायक सोमवीर सांगवान शामिल हैं। वहीं कांग्रेस(Congress) ने भी भाजपा सरकार से इस्तीफा देने की बात कहीं है।
मार्च में भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने के बाद पार्टी ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन से बनाई थी। इन तीनों विधायकों ने रोहतक में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा(Bhupendra Hooda) की मौजूदगी में कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा(Bhupendra Hooda) ने मांग की, कि हरियाणा की भाजपा सरकार अल्पमत में आ गई है, इसलिए सीएम नायब सैनी को इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव करवाने चाहिए। 90 विधायकों वाली हरियाणा विधानसभा में अभी 88 विधायक हैं। इनमें से भाजपा के पास 43 विधायकों का समर्थन बचा है। वहीं विपक्ष में 45 विधायक हो गए हैं। हालांकि इसके बावजूद सैनी सरकार को खतरा नहीं है।
नायब सैनी ने इसी साल 12 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद फ्लोर टेस्ट पास किया था। दो फ्लोर टेस्ट के बीच 6 महीने का गैप होना जरूरी है। ऐसे में विपक्ष सितंबर 2024 तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकती है। इसी साल अक्टूबर-नवंबर में हरियाणा में चुनाव होने हैं। वहीं इस पर CM नायब सैनी ने कहा कि ऐसी सूचना मेरे पास भी पहुंच रही हैं। विधायकों की कुछ इच्छाएं होती हैं, और हर व्यक्ति कुछ इच्छा के साथ जुड़ा होता है। कांग्रेस आजकल इच्छाएं पूरी करने में लगी हुई है। हालांकि लोग यह सब समझ रहे हैं कि किसकी इच्छा क्या है। कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से मतलब नहीं है, उनको तो अपनी इच्छाओं से मतलब है।
मुख्यमंत्री को इस्तीफा देकर करवा लेना चाहिए चुनाव
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि नैतिकता यही कहती है कि अब मुख्यमंत्री नायब सैनी को इस्तीफा देकर चुनाव करवा लेना चाहिए। जजपा का अब हरियाणा सरकार को समर्थन नहीं है, सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के साथ आ गए हैं, ऐसे में सरकार अब बहुमत के आंकड़े से दूर हो चुकी है।