Haryana News : हरियाणा में लोकसभा चुनाव को लेकर जल्द ही मतदान प्रक्रिया होने वाली है। मात्र 3 दिन के अंदर प्रदेश के हर जिले में मतदान होने जा रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया से पहले सरकार के सामने तरह-तरह के मुद्दे सामने आ रहे हैं। इनमें बिजली, पानी और सड़कों संबंधी मुद्दों पर चर्चा होना आम बात है, लेकिन अब हरियाणा में दुल्हनों की भी चर्चा हो रही है। इस मुद्दे को हरियाणा के कुंवारों ने उठाया है। उनका कहना है कि सरकार ने 10 साल में भी अपने वादे को पूरा नहीं किया है। इस बारे में कुंवारों की एक संस्था रांडा यूनियन (बैचलर्स यूनियन) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है।
बताया जा रहा है कि हरियाणा के कुंवारों ने वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान किया गया वादा सरकार को याद दिलाया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में कुंवारों के द्वारा बहू दिलावो-वोट मुहिम शुरू की गई थी। इस मुहिम के तहत कुंवारों ने मांग रखी थी कि यदि हमें दुल्हन मिलेगी तो हम नेताओं को वोट देंगे। कुंवारों की इन भावनाओं को भुनाने के लिए पूर्व कृषि मंत्री एवं हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भाजपा को वोट देने पर कुंवारों के लिए अन्य राज्यों से दुल्हनों की व्यवस्था करने का वादा किया था।

हालांकि चुनाव के बाद पूर्व कृषि मंत्री ने वह वादा पूरा नहीं किया। अब चुनाव के माहौल में अन्य मुद्दों के साथ दुल्हन का विषय भी चर्चा बना हुआ है। यह चर्चा रांडा यूनियन (बैचलर्स यूनियन) के माध्यम से हरियाणा के कुंवारे कर रहे हैं। जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा गया है।

पत्र के माध्यम से युवाओं का कहना है कि उन्होंने लोकसभा चुनावों में समर्थन के बदले राज्य सरकार से कुंवारों को प्रोत्साहन देने की मांग रखी है। इसके अतिरिक्त यूनियन ने समाज से समर्थन के अभाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए नौकरियों और पंचायत राज चुनावों में कोटा फिक्स किए जाने की भी मांग रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में यूनियन का कहना है कि कुंवारे होने के कारण हमें समाज में वह स्थान नहीं मिल पाता है, जिसके वह हकदार है। इस कारण से हम लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलते हैं। हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

हरियाणा में रांडा यूनियन का नेतृत्व कर रहे वीरेंद्र सांगवान का कहना है कि प्रदेश में सरकारी डाटा के अनुसार कुंवारों की संख्या 13 हजार है, लेकिन यह वास्तविक डाटा नहीं है। उनका दावा है कि हरियाणा में अविवाहित लोगों की संख्या लगभग 5 लाख के करीब है। सरकार ने पारिवारिक आईडी का भरोसा दिया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सिंगल अविवाहित युवाओं को इसके लिए डाक्यूमेंट्स बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने मांग रखी कि सिंगल आदमी के लिए पारिवारिक आईडी लेने की हमारी प्राथमिक मांग है, लेकिन हमारी इस मांग पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।

बताया जा रहा है कि हरियाणा में 1 लाख से ज्यादा दूसरे राज्यों की बहूएं लाई गई हैं। वर्ष 2020 में सामने आया था कि हरियाणा में एक लाख 35 हजार लड़कियां जो अब उम्रदराज हो चुकी हैं, जो पश्चिम बंगाल, असम, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड से खरीदकर लाई गई थी। इसके अलावा कुछ लड़कियां सीधे खरीदी गईं तो वहीं कुछ दिल्ली के रास्ते हरियाणा में पहुंची। पिछले 3 वर्षों से पुलिस रिकॉर्ड में ऐसे कुछ ही मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन अभी भी यह सिलसिला जारी है।

उधर हरियाणा में दुल्हन की कमी एक बड़ी समस्या है। जिसको देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार ने कुंवारा पेंशन को शुरू किया है। इस पेंशन के तहत 45 से 60 साल आयु के अविवाहित पुरुषों और महिलाओं को एक मासिक पेंशन देना सुनिश्चित किया गया है।
ऐसे में कुंवारों को पेंशन देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना है। पेंशन योजना के तहत 45 से 60 साल के पुरुषों और महिलाओं को सरकार की ओर से 2750 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। जिसके बाद इसे वृद्धावस्था पेंशन में बदल दिया जाएगा। इस पेंशन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2023 में की है, लेकिन अभी तक पेंशन की शुरुआत नहीं हो पाई है।







