Haryana Politics : हरियाणा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंत्रिमंडल विस्तार के मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने इसको लेकर चुनाव आयोग सहित मामले से संबंधित सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। मामले में एक महीने का वक्त देते हुए 30 अप्रैल तक सभी को जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।
बता दें कि हरियाणा में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 14 हो गई है। इसी संख्या के खिलाफ हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई। जिसके बाद अदालत ने हरियाणा सरकार, विधानसभा स्पीकर, हरियाणा चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और सभी मंत्रियों सहित राज्य मंत्री को नोटिस जारी कर 30 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करने की आदेश दिए हैं। बता दें कि हरियाणा में 12 मार्च को हरियाणा में कैबिनेट विस्तार के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिसमें कहा गया था कि संविधान के अनुसार विधानसभा में सदस्यों की संख्या के 15 फीसदी तक ही मंत्रियों की संख्या हो सकती है, लेकिन नायब सिंह सैनी के मंत्री मंडल में 15 फीसदी से ज्यादा मंत्री बने हैं, जो नियमों के मुताबिक गलत है।
वहीं हरियाणा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करनाल विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने वाले हैं। ऐसे में इस उपचुनाव के खिलाफ भी एक याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई है। इस याचिका को हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। जिसकी सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के फैसले का हवाला देते हुए करनाल में विधानसभा उपचुनाव को रद्द करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि एक साल से कम के कार्यकाल के लिए चुनाव कराना फिजूलखर्ची है। उधर हाईकोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग सहित मामले से जुड़े अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। उन्हें 30 अप्रैल तक जवाब देने के लिए कहा गया है। बता दें कि करनाल विधानसभा सीट पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद यह खाली हो गई थी। इस पर 25 मई को मतदान होना है।
इससे पहले ही पंचकूला निवासी रविंद्र सिंह ने एक जनहित याचिका दाखिल कर हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल एक साल से कम होने की दलील देते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है। इसके लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को आधार बनाया गया है। बताया जाता है कि नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बने रहने के लिए 6 महीने के भीतर विधायक बनना जरूरी है, क्योंकि हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल अभी इससे ज्यादा बचा है, इसलिए मुख्यमंत्री सैनी का चुनावी रण में उतरना और विजय हासिल करना जरूरी है।

