Haryana Politics : हरियाणा के जिला पानीपत के खंड इसराना के गांव शाहपुर में ग्रामीणों ने वीरवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध जताया। इस दौरान ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले को काले झंडे भी दिखाए। लोगों ने कहा कि सरकार की इसी तरह मनमानी चलती रही तो लोगों का विरोध जारी रहेगा। गांव शाहपुर वासी सत्यनारायण ने आरोप लगाया कि जाट आरक्षण के दौरान उनके साथ उनकी मां और दादी पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसे आज तक वापस नहीं लिया गया। वह आने वाले चुनाव में सरकार को वोट की ताकत से बता देंगे कि आमजन कैसे विरोध करते हैं।
इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनोहर लाल के राज में ही वर्ष 2016 में किसान आंदोलन के दौरान 175 लोगों पर मुकदमें दर्ज किए गए। इसके बाद वर्ष 2017 में लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लेने का आश्वासन दिया था। आज तक लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस नहीं लिए गए हैं, इसीलिए वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग सरकार और पूर्व मनोहर लाल को इसी साल होने वाले चुनावों में बता देंगे कि कैसे चुनाव लड़ा जाता है। लोगों ने कहा कि हम केवल विरोध जता सकते हैं। आमजन इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।

इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि किसान वर्ग पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से तीन सवाल करना चाहता है। किसानों को सरकार से तीन सवालों के जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि पहला एमएसपी की गारंटी का कानून, दूसरा किसान आंदोलन को लेकर सड़कों पर खीचीं गई दीवार और तीसरा पंजाब के युवा किसान शुभकरण की गोली मारकर हत्या करना, जैसे सवालों पर सरकार किसानों को जवाब दे।

उन्होंने कहा कि किसान वर्ग इस तरह के मामलों को बिल्कुल सहन नहीं करेगा। किसानों का कहना है कि अब सरकार को घरों में बैठकर वोट मांगना पड़ रहा है। गांवों में भाजपा नेताओं का बहिष्कार जारी है। किसान वर्ग और ग्रामीण आने वाले चुनावों में सरकार को इन बातों का जवाब देंगे।