Haryana Politics : हरियाणा में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के विरोध के बाद अब दुष्यंत चौटाला की मां नैना चौटाला को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हिसार लोकसभा की उचाना सीट पर नैना चौटाला का विरोध होने का मामला सामने आया है। बता दें कि इस सीट से विधायक दुष्यंत चौटाला की मां वीरवार सुबह प्रचार के लिए गांव तार्खान पहुंची। इस दौरान जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला की पत्नी नैना चौटाला के स्वागत का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस दौरान ग्रामीण पहले से ही कार्यक्रम स्थल के पास जुटना शुरू हो गए थे। जैसे ही नैना चौटाला का काफिला गांव में पहुंचा तो ग्रामीणों ने उनका विरोध जताना शुरू कर दिया। इसके बाद नैना चौटाला के समर्थक और ग्रामीण आमने-सामने हो गए। जब समर्थकों ने विरोध करने से मना किया तो दोनों दोनों गुटों में बहस शुरू हो गई। इसके बाद गांव के मौजिज लोगों ने बीचबचाव करते हुए स्थिति को संभाला। बता दें कि बीते बुधवार को ही नैना चौटाला ने उचाना हलके से अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए हलके के गांव डूमरखां खुर्द पहुंची। थी। इस दौरान महिलाओं ने उनका गीत गाकर और फूलमालाओं से स्वागत किया था। साथ ही नैनान चौटाला ने महिलाओं से गले मिलकर और बुजुर्गों के पांव छूकर उनसे आशीर्वाद लिया।

इस दौरान नैना चौटाला ने कहा था कि सांसद तो उचाना हलके से संबंध रखने वाले बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह भी थे। आज हिसार लोकसभा के किसी गांव में जाते है तो वहां पूछते है कि पिछले सांसद को देखा तो वो कहते है कि लापता सांसद है। उस सांसद को हमने देखा नहीं है। हम तो चाहते थे कि बृजेंद्र सिंह को टिकट मिले तो हम उनको लोगों के बीच खड़ा कर पूछते, लेकिन उन्हें वह टिकट मिलने से चूक गए। जब नैना चौटाला ने भाषण शुरू किया तो किसानों ने सवाल पूछने शुरू कर दिए। जिस पर नैना चौटाला ने कहा कि भाषण के बाद आपके सवालों का जबाब दिए जाएंगे।

संबोधन खत्म होने के बाद जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला ने किसानों को मंच पर बुला लिया। किसानों ने पूछा कि किसान आंदोलन के दौरान अजय चौटाला ने किसानों को बीमारी कहा था। जिस पर नैना चौटाला ने कहा कि अजय चौटाला के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया था। वहीं किसानों ने पूछा कि किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली में करीब 750 किसानों ने अपनी जान गवां दी थी। आप व आपके परिवार ने क्या उन्हें श्रद्धांजलि दी। किसानों के अनुसार नैना चौटाला ने इस सवाल पर कोई जबाब नहीं दिया।

बता दें कि हिसार लोकसभा में आने वाली जींद जिले की उचाना विधानसभा से जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को 47452 मतों से करारी शिकस्त दी थी। इससे पहले सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड इनेलो के देसराज नंबरदार के नाम था। जिन्होंने वर्ष 1987 में कांग्रेस के सूबे सिंह को 45248 मतों के अंतर से हराया था। दुष्यंत चौटाला ने इस रिकार्ड को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ी जीत का नया रिकार्ड बनाया था। उचाना विधानसभा में इससे पहले हुए 9 विधानसभा चुनावों में पांच ही चेहरे थे, जो विधायक बने थे, दुष्यंत चौटाला छठे नए चेहरे के रूप में विधायक बने थे।





