हरियाणा के Rohtak में जिला परिषद की चेयरमैनी के विवाद के चलते एक पार्षद ने अपने बेटे के अपहरण का आरोप लगाया है। पार्षद ने गढ़ी सांपला किलोई से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने मौजूदा चेयरपर्सन मंजू हुड्डा और उनके गैंगस्टर पति पर आरोप लगाए हैं।
बेटे का अपहरण होने के लगभग तीन घंटे बाद पार्षद का बेटा सकुशल मिल गया। पार्षद प्रतिनिधि का कहना है कि यह अपहरण 23 अक्टूबर को जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ आने वाले अविश्वास प्रस्ताव को प्रभावित करने के लिए किया गया था।
चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह सब उनकी छवि को खराब करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मेरे और मेरे परिवार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” पार्षद ने सांपला थाना पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई है, और फिलहाल जांच जारी है।
पार्षद जगबीर खत्री ने बताया कि उनकी पत्नी नीलम जिला परिषद की पार्षद हैं। उनका 15 वर्षीय बेटा धैर्य सोमवार सुबह घर से बाहर घूमने के लिए निकला था, तभी गाड़ी सवार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। धैर्य ने बताया कि पहले उसकी बाइक को टक्कर मारी गई और फिर उसे जबरन गाड़ी में ले जाया गया। मंजू हुड्डा ने वीडियो जारी कर कहा, “मेरे पास सुबह से कई फोन आए हैं। यह आरोप पूरी तरह झूठे हैं।”
यह विवाद उस समय बढ़ा जब 14 में से 10 पार्षदों ने 7 सितंबर को जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही। पार्षदों का आरोप है कि मंजू हुड्डा ने करीब पौने 2 साल से जिला परिषद की चेयरपर्सन के रूप में संतोषजनक कार्य नहीं किया है।
मंजू हुड्डा, जो पुलिस अधिकारी की बेटी हैं, ने कहा कि उनके पति के आपराधिक अतीत के बारे में उन्होंने बताया कि यह उनका अतीत था और अब वह ऐसा कुछ नहीं करते।







