Mayor Nikhil Madan will join BJP

हरियाणा BJP में घमासान: Sonipat में टिकट को लेकर विरोध, निखिल मदान के खिलाफ उठे बगावती सुर

राजनीति विधानसभा चुनाव सोनीपत

हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने सोनीपत सीट से मेयर निखिल मदान को उम्मीदवार बनाया है। मदान कांग्रेस छोड़कर दो महीने पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे। उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी के अंदर असंतोष उभर आया है।

पूर्व मंत्री कविता जैन और बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव जैन ने निखिल मदान के टिकट के खिलाफ खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने मंच से ऐलान किया कि वे निखिल मदान के लिए वोट नहीं मांगेंगे। मुरथल रोड स्थित एक निजी गार्डन में कार्यकर्ताओं की बैठक में कविता और राजीव जैन भावुक नजर आए और अपने आंसू नहीं रोक सके।

राजीव जैन का कड़ा बयान, कहा- नहीं मांगेंगे वोट

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राजीव जैन ने अपनी ही पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को दोहराते हुए कहा कि वे निखिल मदान के लिए वोट नहीं मांगेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि निखिल मदान को पहले ड्रग और सट्टा कारोबारी कहा गया था। पार्टी में रहकर भी वे उनके लिए वोट नहीं मांग सकते।

पार्टी के फैसले पर नाराजगी, स्थानीय नेताओं को मौका देने की मांग

राजीव जैन और कविता जैन ने कहा कि उनकी नाराजगी इस बात से है कि पार्टी ने किसी स्थानीय कार्यकर्ता की बजाय बाहर से आए नेता को टिकट दे दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया गया है।

10 सितंबर तक का समय, कमेटी बनाएंगे और लेंगे राय

राजीव और कविता जैन ने बीजेपी आलाकमान को 10 सितंबर तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि वे शहर के गणमान्य लोगों की एक कमेटी बनाकर उनकी राय लेंगे और उसके बाद आगामी फैसले पर विचार करेंगे।

पार्टी के फैसले का इंतजार, कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत

राजीव जैन ने कहा कि पार्टी द्वारा बार-बार बाहरी प्रत्याशी को टिकट देने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर संघर्ष किया है और बाहर से लाए गए नेता को टिकट देना उचित नहीं है।

स्वतंत्र चुनाव लड़ने के संकेत

राजीव जैन ने स्वतंत्र चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे बातचीत की है और पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावना को ध्यान में रखते हुए पार्टी को टिकट देने का फैसला बदलना चाहिए, अन्यथा उन्हें कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है।

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