Haryana Assembly Elections: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान वीरवार शाम समाप्त हो गया। रैलियों, सभाओं, माइक, लाउडस्पीकर, डीजे की नहीं रहेगी इजाजत नहीं रहेगी। अब 5 अक्टूबर को एक ही चरण में सभी 90 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। 8 अक्टूबर को होगी मतगणना, तब पता चलेगा कि हरियाणा में किसकी होगी
हार-किसकी होगी जीत।
चुनाव में अपने दस साल के शासन के चलते बीजेपी सत्ता विरोधी लहर को सामना कर रही है। वह एंटी एन्कम्बेंसी को मात देकर लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस कोसत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाकर सत्ता में आने की उम्मीद पाले हुए है।
चुनाव में दो करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। जिनमें 8,821 मतदाताओं की उम्र 100 साल से अधिक है. शाम छह बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने से कुछ घंटे पहले, बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), इनेलो-बसपा और जजपा-आज़ाद समाज पार्टी गठबंधन ने रैलियां और रोड शो कर मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश की
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार हरियाणा के सभी 90 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान पांच अक्टूबर को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। अधिकारियों के अनुसार कुल 20,629 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम छह बजे के बाद किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को सार्वजनिक बैठक या रैली करने की अनुमति नहीं होगी।
कांग्रेस में शामिल होने से कुछ समय पहले वह बीजेपी उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे. बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार में “डबल इंजन” सरकार के काम और प्रदर्शन पर जोर दिया. इसके साथ ही उसने आरक्षण, भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और वंशवाद की राजनीति जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा. महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों से जुड़े मुद्दे दोनों मुख्य दलों के चुनावी घोषणापत्रों का अहम हिस्सा हैं. प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस के राहुल गांधी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा, बीजेपी के योगी आदित्यनाथ और नायब सिंह सैनी, जजपा के दुष्यंत चौटाला और इनेलो के अभय सिंह चौटाला उन प्रमुख नेताओं में थे, जिन्होंने अपनी-अपनी पार्टियों के लिए प्रचार किया. बीजेपी के अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया और उन्होंने चार रैलियों को संबोधित किया.
मोदी ने अपने भाषणों में कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि उन्होंने राम मंदिर मुद्दा सहित देश के लिए महत्वपूर्ण हर मुद्दे को उलझाए रखा. किसानों, गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों सहित विभिन्न तबकों के कल्याण के लिए केंद्र और हरियाणा की बीजेपी नीत सरकारों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं से राज्य के त्वरित विकास के लिए बीजेपी को फिर से सत्ता में लाने की अपील की. उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए उसे देश की सबसे बड़ी दलित विरोधी पार्टी करार दिया, जिसका एकमात्र एजेंडा वोट के लिए तुष्टीकरण है. मोदी ने दावा किया कि भ्रष्टाचार कांग्रेस की रगों में है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह “दलालों और दामादों की पार्टी बन गई है.” मोदी और अमित शाह जैसे अन्य बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में कांग्रेस का शासन था तो उसने हरियाणा में एक भी नौकरी बिना “खर्ची और पर्ची” के नहीं दी.
मोदी ने अपने भाषणों में कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि उन्होंने राम मंदिर मुद्दा सहित देश के लिए महत्वपूर्ण हर मुद्दे को उलझाए रखा. किसानों, गरीबों, दलितों और पिछड़े वर्गों सहित विभिन्न तबकों के कल्याण के लिए केंद्र और हरियाणा की बीजेपी नीत सरकारों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं से राज्य के त्वरित विकास के लिए बीजेपी को फिर से सत्ता में लाने की अपील की. उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए उसे देश की सबसे बड़ी दलित विरोधी पार्टी करार दिया, जिसका एकमात्र एजेंडा वोट के लिए तुष्टीकरण है. मोदी ने दावा किया कि भ्रष्टाचार कांग्रेस की रगों में है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह “दलालों और दामादों की पार्टी बन गई है.” मोदी और अमित शाह जैसे अन्य बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में कांग्रेस का शासन था तो उसने हरियाणा में एक भी नौकरी बिना “खर्ची और पर्ची” के नहीं दी.