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Gurugram में भाजपा के अंदर खींचतान, बागियों से बढ़ रही परेशानी

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हरियाणा के Gurugram में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर स्थिति ठीक नहीं चल रही है। पार्टी को एक तरफ जहां कई नेता छोड़कर जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी नए लोगों को जोड़ने में विफल साबित हो रही है। इसी कारण से केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं की सभाएं छोटी गलियों और मोहल्लों में कराई जा रही हैं ताकि भीड़ दिखाई दे सके।

गुरुग्राम और बादशाहपुर में टिकट वितरण के बाद से ही भाजपा के भीतर शह और मात का खेल चल रहा है। पार्टी के प्रत्याशी अपने ही लोगों के साथ चुनावी संघर्ष में उलझते नजर आ रहे हैं। पार्टी के अंदर खास खींचतान हो रही है, खासकर गुरुग्राम में। नवीन गोयल, जो भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं, पार्टी के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। वह लगातार भाजपा के नेताओं को अपनी ओर खींच रहे हैं, जिससे पार्टी के प्रत्याशी मुकेश शर्मा के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

नवीन गोयल की बढ़ती पकड़

नवीन गोयल की बढ़ती पकड़ ने भाजपा के संगठन में खलबली मचा दी है। पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता धीरे-धीरे नवीन के साथ जुड़ते जा रहे हैं, जिससे मुकेश शर्मा की स्थिति कमजोर होती जा रही है। यही कारण है कि बड़े नेताओं की सभाएं भी छोटी जगहों पर की जा रही हैं ताकि भीड़ की कमी को छिपाया जा सके।

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छोटे स्थानों पर जनसभाएं

गुरुग्राम में अब तक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नितिन गडकरी की सभाएं ही आयोजित हुई हैं, लेकिन ये सभाएं छोटी जगहों, गलियों और मोहल्लों में कराई गई हैं। इसके पीछे मुख्य कारण भीड़ की कमी को छुपाना बताया जा रहा है। शहर के बड़े स्थानों पर भीड़ जुटाने में विफल रहने के कारण भाजपा ने इन सभाओं को छोटी जगहों पर आयोजित किया है।

पीयूष गोयल के बयान से नाराजगी

पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सादर बाजार में नवीन गोयल को चेतावनी देते हुए उन्हें भाजपा में वापस आने का इशारा किया था। इस बयान के बाद वैश्य समाज में नाराजगी बढ़ गई और समाज खुलकर नवीन गोयल का समर्थन करने लगा।

मोहित ग्रोवर की रणनीति

कांग्रेस प्रत्याशी मोहित ग्रोवर, जो चुनाव के चंद दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए हैं, अब तक आक्रामक चुनाव प्रचार में नहीं दिखे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोहित ग्रोवर निर्दलीय उम्मीदवार नवीन गोयल के भरोसे चुनाव जीतने की रणनीति बना रहे हैं। उनका मानना है कि अगर नवीन गोयल चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो इससे भाजपा को नुकसान होगा, और वह अपने पंजाबी वोट बैंक के सहारे जीत सकते हैं।

गुरुग्राम और बादशाहपुर में भाजपा की अंदरूनी खींचतान के चलते पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और अब इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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