Haryana के फतेहाबाद में शुक्रवार देर रात हनुमान चालीसा पाठ के दौरान किसानों ने भारी हंगामा किया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और सिरसा से लोकसभा उम्मीदवार डॉ. अशोक तंवर शामिल हुए थे। जैसे ही किसानों को इस बात का पता चला, उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
जब कार्यक्रम की स्टेज पर भाजपा के समर्थन में ‘400 पार’ और ‘BJP जिंदाबाद’ के नारे लगे, तो किसान भड़क गए। उन्होंने सांसद बराला और उम्मीदवार तंवर के काफिले पर हमला कर दिया और उनकी गाड़ियों पर लाठी-डंडों से वार किए।
मुआवजा न मिलने पर किसानों का गुस्सा
फतेहाबाद की जाखल मंडी में किसान 7 फरवरी से उप तहसील जाखल में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जुलाई 2023 में आई बाढ़ में उनकी फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई थीं, लेकिन सरकार ने पूरा मुआवजा नहीं दिया। इस वजह से वे लगातार विरोध कर रहे थे।
भाजपा-जजपा नेताओं के विरोध की घोषणा
सरकार की अनदेखी के चलते किसानों ने भाजपा और जजपा नेताओं के विरोध का ऐलान कर दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई भाजपा नेता उनके गांव में कार्यक्रम करेगा या वोट मांगने आएगा, तो वे उसका विरोध करेंगे।
धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन
किसानों के विरोध को देखते हुए भाजपा ने जाखल में राजनीतिक कार्यक्रम की जगह धार्मिक कार्यक्रम रखा। प्रशासन ने राजनीतिक दल द्वारा धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी थी, इसलिए भाजपा ने यह कार्यक्रम पूरी तरह धार्मिक बना दिया, ताकि किसान इसमें कोई खलल न डाल सकें। जाखल की सामाजिक संस्था सिद्धि विनायक सेवा दल के बैनर तले यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
तंवर और बराला के आने पर किसानों का एकत्र होना
जैसे ही किसानों को पता चला कि इस कार्यक्रम में भाजपा के अशोक तंवर और सुभाष बराला आ रहे हैं, वे एकत्र होना शुरू हो गए। किसानों के हाथों में काले झंडे और बैनर थे। किसानों के विरोध को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया। किसान नेताओं ने अनाउंसमेंट की कि कोई कार्यक्रम स्थल की ओर न जाए और शांतिपूर्वक विरोध करें।
बराला और तंवर के राजनीतिक बयान, किसानों का उग्र होना
जब तंवर और बराला ने मंच से धार्मिक भाषण देते हुए राजनीतिक बयानबाजी की, तो किसान और उग्र हो गए। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए रस्से लगाए। इस बीच, अशोक तंवर और सुभाष बराला ने रात 11 बजे कार्यक्रम से जाने की कोशिश की। पुलिस ने उनके काफिले को सुरक्षा घेरे में ले लिया और किसानों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया। इससे किसान और भड़क गए और काफिले की गाड़ियों पर लाठियों से हमला कर दिया।
बराला का भाषण और किसानों की प्रतिक्रिया
सुभाष बराला ने अपने भाषण में कहा कि बजरंग बली सभी को सद्बुद्धि दें। अशोक तंवर ने कहा कि हनुमान जी हमेशा से संकट मोचक रहे हैं और अब भी रहेंगे। हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, लेकिन किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
किसान नेताओं का बयान
किसान नेता जग्गी महल ने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन कर धार्मिक कार्यक्रम किया जा रहा है। अगर पता है कि भाजपा के लिए वोट मांगने से दंगे भड़क सकते हैं, तो कार्यक्रम क्यों आयोजित किया गया?
किसान नेता रविंद्र जंडा ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हमने प्रशासन को पहले ही चेतावनी दी थी कि मंच से राजनीतिक नारे नहीं लगने चाहिए। अगर यह धार्मिक कार्यक्रम होता तो हम भी इसमें शामिल होते, लेकिन जैसे ही मंच पर राजनीतिक नारे लगे, किसान भड़क गए और विरोध शुरू कर दिया।







