Manohar Lal Khattar Birthday : हरियाणा में साढ़े 9 साल मुख्यमंत्री और दो बार विधायक रह चुके भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी मनोहर लाल आज 70 वर्ष के हो चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का राजनीतिक जीवन हो या निजी जीवन दोनों ही कमाल के रहे हैं। मनोहर लाल ने कभी परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सब्जी बेचने का काम किया तो कभी संघ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कभी शादी करने की शपथ तक ले डाली। करनाल में भगवान परशुराम जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। रविवार को होने जा रहे इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस मौके पर उनका जन्मदिन भी मनाया जा रहा है।
करनाल लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने दिन की शुरुआत शिव मंदिर में माथा टेक कर की। इसके बाद मनोहर लाल ने मंजी साहेब गुरुद्वारे में माथा टेका। फिर वह करनाल के कर्ण कमल कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। दोनों नेता आपस में खुशी से मिले और दोनों ने एक दूसरे को लड्डू खिलाया। कर्ण कमल कार्यालय में मनोहर लाल के जन्मदिन के अवसर पर लड्डू भी बांटे गए। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मनोहर लाल को जन्मदिन की बधाई दी। बता दें कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल 5 मई को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 5 मई 1954 को मनोहर लाल खट्टर का जन्म पंजाब-हरियाणा के विभाजन के बाद निंदाना में हुआ था, जो वर्तमान में हरियाणा के जिला रोहतक में पड़ता है।

बता दें कि 70 साल के हो चुके मनोहर लाल का शुरुआती जीवन और उनका राजनीतिक जीवन दोनों की कमाल का रहा है। पढ़ाई में होनहार मनोहर लाल एक समय सब्जी बेचने का काम किया करते थे। वह भारतीय राजनीतिक के उन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने अब तक विवाह नहीं की और आजीवन शादी न करने की शपथ ली। बताया जाता है कि मनोहर लाल की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही आनंदपुर हाईस्कूल से हुई। वह गणित में बहुत अच्छे थे। साथ ही शिक्षा के प्रति उनकी रूचि काफी रही। यही वजह है कि वह कई बार अपनी कक्षा के मॉनिटर भी बनाए जाते थे।
बता दें कि मनोहर लाल खट्टर हरियाणा की राजनीति के पहले गैर जाट मुख्यमंत्री थे। वर्ष 1947 में उनका परिवार विभाजन के बाद पाकिस्तान से निंदाना गांव में आकर बस गया था। उनके पिता और दादा दूसरों के खेतों में मजदूरी का काम किया करते थे। हालांकि समय बदला और उनके परिवार ने अपनी जमीन खरीदी और फिर अपनी जमीन पर खेती करने का काम शुरू कर दिया। मनोहर लाल खट्टर के कुल 5 भाई थे। अपने सभी भाईयों में मनोहर लाल सबसे बड़े थे। यही कारण था कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को बोझ भी उनके कंधों पर था।

कहा जाता है कि मनोहर लाल के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में उनके पिता हरवंश लाल खट्टर जीवनयापन करने के लिए सब्जियों को उगाने का काम करते थे। इस बीच जब मनोहर लाल स्कूल से वापस आते तो वह अपने पिता के काम में हाथ बंटाते थे। पहले वह खेतों में जाकर सब्जियों को तोड़ते और सुबह साइकिल पर उन सब्जियों को रोहतक की मंडी में ले जाकर बेचा करते थे। सब्जियों के बिक जाने के बाद ही मनोहर स्कूल जाते थे। जब मनोहर लाल ने 10वीं कक्षा पास की तो परिवार की आर्थिक सहायता को पूरी करने के लिए उन्होंने दुकान भी डाली। इसके बाद जीवन आगे बढ़ता है और मनोहर लाल दिल्ली विश्वविद्यालय पहुंच गए।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और इसी दौरान वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए। वर्ष 1977 में जब उनकी आयु 24 वर्ष थी तो उन्होंने आरएसएस की सदस्यता ले ली। 27 साल की आयु तक उन्हें संघ में प्रचारक के रूप में खूब ख्याति मिली। इस दौरान मनोहर लाल पर उनके परिवार का दबाव पड़ने लगा कि वह शादी कर लें, लेकिन संघ की प्रमुखता के कारण मनोहर लाल ने कभी शादी न करने की शपथ ली। इसके बाद वह संघ के लिए लगातर 14 वर्षों तक काम करते रहे। फिर वर्ष 1994 में वह भाजपा में शामिल हो गए। इस दौरान उन्हें हरियाणा भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया।

मनोहर लाल ने संघ और भाजपा के लिए सालों तक काम करने के बाद पहली बार वर्ष 2014 में विधानसभा का चुनाव लड़ा। दरअसल हरियाणा में इस वक्त जाटों के दिग्गज नेता माने जाने वाले भूपिंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी। वर्ष 2014 में हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार मनोहर लाल खट्टर चुनाव लड़े। उन्हें और भाजपा दोनों की ही हरियाणा में जीत मिली। खट्टर ने हुड्डा को हराकर अपनी सरकार बनाई। इसके बाद उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हरियाणा की कमान सौंपी गई।
इसके बाद वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में फिर से भाजपा ने मनोहर लाल के नेतृत्व में जीत हासिल की। इस जीत के बाद मनोहर लाल खट्टर को दोबारा हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि वर्तमान में मनोहर लाल करनाल लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी नियुक्त किए गए हैं। बताया जाता है कि भाजपा अब उन्हें केंद्रीय मंडल में शामिल करना चाहती है।