Breaking News: पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, जो पिछले 38 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे है। सूत्रों के माध्यम से पता चला है कि उनको देर 11 बजे रात पुलिस ने अस्थाई अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए पहुंची। जहां उनको किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि सिटी तहलका इस बात की पुष्टि नहीं करता है।
डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर आज फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान पंजाब सरकार को कोर्ट को बताना होगा कि डल्लेवाल को इलाज मुहैया कराने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं। पंजाब के DGP और चीफ सेक्रेटरी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस सुनवाई में पेश होंगे।
पहले भी 5 सुनवाई हो चुकी है
17 दिसंबर: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए, क्योंकि उनकी हालत गंभीर होती जा रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि डल्लेवाल एक पॉपुलर पर्सनैलिटी हैं, और राज्य को इस मामले में ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।
18 दिसंबर पंजाब सरकार ने कोर्ट में कहा कि डल्लेवाल की सेहत ठीक है, लेकिन कोर्ट ने इस पर सवाल उठाया कि एक 70 वर्षीय व्यक्ति 24 दिन से भूख हड़ताल पर है, बिना किसी मेडिकल जांच के उनकी सेहत का सही अंदाजा कैसे लगाया जा सकता है?
19 दिसंबर कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि डल्लेवाल को अस्पताल में शिफ्ट क्यों नहीं किया गया? यह उनकी जिम्मेदारी है और यदि जरूरत पड़ी तो अधिकारियों को निर्णय लेना चाहिए।
28 दिसंबर कोर्ट ने पंजाब सरकार पर कड़ी टिप्पणी की और कहा कि किसान नेताओं को अस्पताल भेजने से रोकने का आंदोलन कभी नहीं देखा। यह आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा है और जिन लोगों ने डल्लेवाल को अस्पताल भेजने का विरोध किया है, वे उनके शुभचिंतक नहीं हो सकते।
30 दिसंबर पंजाब सरकार ने कोर्ट से तीन दिन का समय मांगा। सरकार ने कहा कि 30 दिसंबर को पंजाब बंद था और ट्रैफिक की समस्या थी। साथ ही, एक मध्यस्थता से डल्लेवाल को बातचीत के लिए तैयार करने का प्रस्ताव रखा। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंजूर किया और सरकार को समय दिया।







