- गोल्डन टेंपल, SGPC और पंजाब के प्रमुखों को ईमेल के जरिए RDX से उड़ाने की धमकी मिली, खालिस्तान और तमिलनाडु सरकार का भी संदर्भ।
- सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्रीय गृह मंत्री को खत लिखकर स्थायी हाई-टेक सुरक्षा की मांग की।
- SGPC ने धमकियों को गंभीर साजिश करार देते हुए केंद्र और पंजाब सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पंजाब के सबसे पवित्र धार्मिक स्थल गोल्डन टेंपल को लेकर एक बार फिर बड़ा सुरक्षा अलर्ट सामने आया है। बीते दिनों शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद गुरजीत सिंह औजला और खुद SGPC के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को RDX से मंदिर उड़ाने की धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई।

इन पांच ईमेल्स में से एक ईमेल सामने आई है, जो कि 15 जुलाई को सुबह 3:37 बजे भेजी गई थी। इसका विषय “खालिस्तान–उदयनिधि गठजोड़” था। इस ईमेल में बीते दिनों भेजे गए दो अन्य ईमेल का हवाला दिया गया है, जिन्हें केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन का फर्जी पता बनाकर भेजा गया था।
ईमेल में लिखा गया कि चार RDX IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट किए गए हैं और यदि वे ऑक्सीकृत हो गए तो स्वतः विस्फोट हो सकते हैं। इसमें मंदिर की पाइपलाइन की दोबारा X-ray स्कैनिंग की सलाह दी गई। इसके साथ-साथ ईमेल में तमिलनाडु सरकार के 2021 के एक रैकेट का जिक्र कर आशंका जताई गई कि वहां की DMK सरकार इसके बारे में जानती हो भी सकती है या नहीं भी।

इस संवेदनशील ईमेल के सामने आने के बाद सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खत लिखकर मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया। उन्होंने गोल्डन टेंपल की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देने की मांग करते हुए निम्नलिखित सुझाव दिए:
- हाई-टेक निगरानी प्रणाली
- स्थायी सुरक्षा समन्वय केंद्र
- क्विक रिएक्शन टीम और बम निरोधक दस्तों की तैनाती
- धार्मिक स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित दर्जा
औजला ने बताया कि अमृतसर की भौगोलिक स्थिति (सीमा के पास, एयरपोर्ट और विदेशी श्रद्धालु) इसे बेहद संवेदनशील बनाती है।
इस बीच SGPC ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है। SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि यह पवित्र स्थल वर्षों से निशाना बनता आया है, और अब फिर धमकियों के जरिए संगत को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार जानबूझकर दरबार साहिब के श्रद्धालुओं के आवागमन को रोकना चाहती है?
SGPC सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि धमकी देने वाले लोग सिर्फ सिख धर्म को नहीं, बल्कि सभी धर्मों के पवित्र स्थलों को टारगेट करते हैं। यह किसी एक धर्म पर हमला नहीं, बल्कि देश की धार्मिक एकता पर हमला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरोपी को जल्द से जल्द ट्रेस कर सख्त सजा दी जाए।
SGPC की मुख्य 5 बातें:
- आस्था के केंद्र को बार-बार टारगेट किया जा रहा है।
- संगत के आवागमन को प्रभावित करने की साजिश हो सकती है।
- धमकियां समाज में डर फैलाने के लिए हैं।
- सरकार को धमकी देने वालों को पकड़ना चाहिए।
- यह धार्मिक एकता को खंडित करने की कोशिश है।
अब मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के संज्ञान में है, और जांच एजेंसियां मेल की ट्रेसिंग और धमकी की सत्यता की जांच में जुटी हुई हैं। साथ ही SGPC ने पंजाब पुलिस से दरबार साहिब की सुरक्षा की दोबारा गहन जांच की मांग की है।

