Hast Rekha Gyan : क्या हमारा भविष्य हमारी हथेली(palm) में छिपा होता है? क्या हम अपनी हथेली की रेखाओं से अपने जीवन के बारे में जान सकते हैं? क्या हमें यह बताया जा सकता है कि हम कितने सालों(Year) तक जीवित रहेंगे? हाथेली की रेखाओं के आधार पर हमें अपने भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में कुछ भविष्यवाणी की जा सकती है? जिससे हमें मृत्यु योग(Death Yoga) के बारे में जानकारी मिलती है।
हस्तशास्त्र और ज्योतिष विज्ञान में माना जाता है कि हथेली पर बनी रेखाओं और निशानों से हम अपने भविष्य के बारे में जान सकते हैं। इस विचार के अनुसार हथेली पर बनी रेखाएं हमें हमारे भविष्य के बारे में जानकारी देती हैं। यहां तक कि यह बताती है कि हम कितने साल तक जीवित रहेंगे। समुद्रशास्त्र के अनुसार हथेली पर बने निशान हमें व्यक्ति की आयु के बारे में जानकारी देते हैं। एक ऐसा निशान जिसे हम मणिबंध कहते हैं, वहां से कलाई की शुरुआत होती है। अगर किसी व्यक्ति की हाथेली में एक मणिबंध रेखा है, तो उसकी आयु 25 वर्ष तक होती है। अगर दो रेखाएं होती हैं, तो उसकी आयु लगभग 50 साल होती है और तीन रेखाएं होने पर उसकी आयु 75 साल तक हो सकती है। अगर मणिबंध पर चार रेखाएं होती हैं, तो व्यक्ति लंबे समय तक जीवित रह सकता है।

इसके अलावा अगर मणिबंध की रेखाएं साफ और स्पष्ट होती हैं, तो व्यक्ति को बहुत भाग्यशाली माना जाता है। वहीं, अगर मणिबंध पर उलझी हुई रेखाएं होती हैं, तो व्यक्ति का जीवन संघर्ष से भरा होता है। मणिबंध पर अगर स्वास्तिक या द्वीप जैसा निशान होता है, तो व्यक्ति को बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है। और अगर मणिबंध से कोई रेखा निकलते हुए सीधे शनि पर्वत पर जाकर मिलती है, तो उस व्यक्ति को बहुत ही भाग्यशाली और सुविधा संपन्न माना जाता है।
वैज्ञानिक समर्थन नहीं
इन संकेतों के आधार पर हम अपने जीवन की दिशा और भविष्य के बारे में अनुमान लगा सकते हैं। यह एक प्राचीन विज्ञान और आध्यात्मिक धारणा है जिसे कई लोग मानते हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक समर्थन नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हथेली के निशान और रेखाएं केवल शारीरिक गुणों और आयुर्वेदिक अध्ययन का परिणाम होते हैं, न कि भविष्य की भविष्यवाणी के लिए इनका आधार बनाया जा सकता है।
आध्यात्मिक मार्गदर्शन का स्त्रोत
हालांकि बहुत से लोग इस पर विश्वास करते हैं और अपने जीवन के निर्णय लेने में इनका सहारा लेते हैं। कई लोगों के लिए यह एक आध्यात्मिक मार्गदर्शन का स्रोत होता है जो उन्हें उनके जीवन में सफलता और खुशहाली की दिशा में मार्गदर्शन करता है।अतीत में हस्तरेखा विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान को बहुत माना जाता था और बहुत से लोग इस पर विश्वास करते थे, लेकिन वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद इसे अब अधिकांशतः अविश्वास और चालाकी का माध्यम माना जाता है।
भविष्य का होता है अनुमान
वैज्ञानिक समुद्रशास्त्र ने प्रमाणित किया है कि हस्तरेखा विज्ञान का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और इसे केवल एक प्राचीन धारणा माना जाता है। इसके बावजूद लोग अभी भी हस्तरेखा विज्ञान में विश्वास करते हैं और अपने जीवन के निर्णय लेने में इसका सहारा लेते हैं। वे अपने हाथ की रेखाओं को देखकर अपने भविष्य के बारे में अनुमान लगाते हैं और अपने जीवन में सफलता की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।