Eid ul Fitr

Eid ul Fitr : चांद की झलक पाने का इंतजार खत्म, बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी Eid, रोजेदारों की निगाहें दीदार को बरकरार

धर्म

ईद उल फित्र(Eid ul Fitr) का चांद(moon) मंगलवार को नहीं दिखाई दिया। ईद उल फित्र(Eid ul Fitr) अब बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। मौलाना महमूद मदनी ने मंगलवार को इस्लामिक माह शवाल का चांद(moon) न होने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ईद का त्यौहार अब बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा।

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि 11 अप्रैल को शवाल की पहली तारीख होगी। रमजान उल मुबारक में रोजे रख कर इबादत में गुजार कर रोजेदारों ने अल्लाह की रहमत हासिल करने और अपने गुनाहों की माफी के लिए दुआ की। पूरा एक महीने रोजे रखकर इबादत में गुजारने के बाद अब रोजेदारों को ईद का इंतजार है। ईद का चांद(moon) देखने की उलमा की अपील पर शाम को मगरिब की नमाज के बाद रोजेदारों की निगाहें चांद(moon) के दीदार को बेकरार रहीं। हर कोई आसमान में टकटकी लगाए, चांद(moon) की एक झलक पाने का इंतजार करता रहा, लेकिन उनका इंतजार खत्म नहीं हुआ।

Eid ul Fitr -  2

वहीं शाम को सुन्नी व शिया उलमा ने ईद का चांद(moon) न दिखने का ऐलान किया। ईद का चांद(moon) न होने पर रोजेदार मायूस जरूर हुए, लेकिन उन्हें इस बात की खुशी ज्यादा थी कि उन्हें एक दिन और इबादत करने और रोजा रखने का मौका मिला है।

Whatsapp Channel Join

Eid ul Fitr - 3

ईदगाह और मस्जिद परिसर के बाहर न अदा न करें नमाज

मौलाना महमूद मदनी ने ईद उल फित्र की एडवाइजरी जारी कर तमाम मुसलमानों से उस पर अमल करने अपील की। मौलाना ने बताया कि ऐशबाग ईदगाह में ईद उल फित्र की नमाज सुबह के समय होगी। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि ईदगाह और मस्जिद परिसर के बाहर नमाज अदा न करें। उन्होंने कहा कि अगर मस्जिद नमाजियों से भर जाए तो बाकी के नमाजी दूसरी मस्जिद में नमाज अदा करें। उन्होंने कहा कि अगर सम्भव हो तो मस्जिद की छत पर भी नमाज अदा कर सकते हैं।

Eid ul Fitr - 4

ईद के दिन गुस्ल करना, खुजूर खाना सुन्नत

मौलाना ने बताया कि हर मस्जिद में नमाज के लिए पन्द्रह मिनट से आके घंटे का समय अलग रहता है, ऐसे में मस्जिद भरने पर दूसरी जगह चले जाए। मौलाना ने बताया कि मुसलमानों से ईद के दिन गुस्ल करना, अच्छे कपड़े पहनना, खुशबू , तेल, सुर्मा लगाना और खुजूर खाना सुन्नत है। मौलाना ने नमाज से पहले गरीबों को सद्का देने का आवाहन करते हुये कहा कि इस साल एक आदमी का सदका ए फित्र किया जाएगा। उन्होंने असुविधा से बचने के लिए ईदगाह में समय से पहले आने की अपील की। मौलाना ने लाउडस्पीकर की आवाज तय मानक के अनुसार रखने और गाड़ियों को पार्किंग की जगह ही पार्क करने की भी अपील की।

Eid ul Fitr - 5

इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक जकात

जकात इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। इस्लाम धर्म को मानने वालों के अनुसार 622 ईस्वी में जब पैगंबर मोहम्मद मदीना गए और उन्होंने इस्लामिक राष्ट्र व्यवस्था की शुरुआत की, तब उस देश में जकात प्रणाली भी शुरू की गई थी, लेकिन जकात यानी दान किस तरह और कितनी देनी चाहिए, इसको लेकर तरह-तरह के सवाल हैं। इस्लामी विचारक कहते हैं कि मुसलमानों के पवित्र धर्मग्रंथ कुरान में जकात के बारे में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। फिर भी कुरान के प्रावधानों को लेकर इसकी विस्तृत व्याख्या जानने की जरूरत पड़ती है।

Eid ul Fitr - 6

गेंहू या उसकी कीमत गरीब को देना फितरा

फितरा हर मुसलमान को देना वाजिब है, जिसे रमजान के महीने में ईद से पहले 1 किलो 633 ग्राम गेहूं या 1 किलो गेहूं की कीमत किसी गरीब को देना फितरा कहलाता है। यह हर उस इंसान को देनी होती है, जो आर्थिक रूप से मजबूत है, यानि खाने-पीते घर से है। हालांकि 1 किलो 633 ग्राम गेहूं की कीमत बाजार के भाव के आधार पर तय की जाती है। अगर आपके घर में बच्चें हैं, तो नाबालिग बच्चों की तरफ से उनके अभिभावकों को फितरा देना होता है। इसे देने से फायदा यह होता है कि इससे तमाम गरीब अपनी ईद अच्छी तरह से बना लेते हैं।

Eid ul Fitr - 7

रकात :

– ज़ुहर की नमाज अर्थात दोपहर की प्रार्थना में 12 रकात होती हैं।

– 4 रकात सुन्नत (मौकीदा)

– 4 रकात फर्ज

– 2 रकात सुन्नत (मौकीदा)

– 2 रकात (नफल)

सुन्नत मौकीदा : इस्लामिक शरीयत में सुन्नत वह प्रथा है, जो पैगंबर या पैगंबर के साथियों ने आमतौर पर और अक्सर की ओर उसके करने को मना न किया हो। इस का रित्याग का कारण पाप है और परित्याग की आदत अवज्ञा है, नफिल: इस्लाम में पैगम्बर मुहम्मद ने कभी-कभी जो इबादत की उसे नफिल कहते हैं।

Eid ul Fitr - 8