पद्मिनी एकादशी को पुरूषोत्तमी एकादशी और समुद्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये व्रत अधिकमास में रखा जाता है। तीन साल में आने वाली ये एकादशी बहुत ही खास होती है, क्योंकि अधिकमास और एकादशी दोनों ही भगवान विष्णु जी को प्रिय है। इस व्रत से सालभर की एकादशियों का पुण्य मिल जाता है। अन्य माह के मुकाबले अधिकमास में विष्णु जी की पूजा करने से 10 गुना ज्यादा पुण्य की प्राप्ति होती है।
कब हैं पद्मिनी एकादशी व्रत
पद्मिनी एकादशी का व्रत 29 जुलाई 2023, शनिवार को है। ये व्रत पाप कर्मों से मुक्ति पाने के लिए रखा जाता है साथ ही इस व्रत को रखने से घर में सुख-समृद्धि का भी आगमन होता है। इस व्रत में दान का खास महत्व होता है। अधिकमास की एकादशी को व्रत करने वोला इंसान हर तरह के सुख भोगकर भगवान विष्णु के धाम को प्राप्त करता है।
पुराणों में कहा गया है कि इस व्रत से बढ़कर कोई यज्ञ, तप या दान नहीं है। मलमास की एकादशी पर उपवास और भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ नियम ओर संयम से रहने पर भगवान विष्णु खुश होते है।
पद्मिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त
अधिक मास के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी शनिवार, 28 जुलाई दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर शुरु होगी और अगले दिन 29 जुलाई दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर खत्म होगी। पूजा का समय सुबह 7 बजकर 22 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और व्रत का समय सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर अगले दिन की सुबह 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
पद्मिनी एकादशी पूजा विधि
एकादशी के दिन सूरज निकलने से पहले पानी में तिल, कुश और आंवले का थोड़ा सा चूर्ण डालकर स्नान करें। जल में केसर मिलाकर भगवान विष्णु जी का अभिषेक करें। भगवान के भजन या मंत्रों का पाठ करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और ब्राह्मणों को दान करें।
सुख-समृद्धि के आगमान के लिए करें ये उपाय
- पद्मिनी एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के आगे घी का दीपक जलाकर “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करें और तुलसी की 11 बार परिक्रमा करें ऐसा करने से ओपको भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद की प्राप्ति होगी।
- पद्मिनी एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु के समक्ष नौ मुखी दीपक के साथ एक अखंड ज्योति जलाएं ऐसा करने से नौकरी में आ रही सभी तरह की दिक्कतें दूर हो जाती है।
- पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है इसलिए पद्मिनी एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष की भी पूजा करनी चाहिए।
- यदि आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है और लाख कोशिश के बाद भी वापिस नहीं मिल रहा है तो पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के आगे घी का दीपक जलाकर पूर्व दिशा की ओर चहरा करके गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें।
- इस दिन गरीब और असहाय लोगों को खाना खिलाएं साथ ही उन्हें अपने सामर्थ्य के अनुसार दान भी जरुर दें। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा।

