➤नीरज चोपड़ा ने लगातार तीसरा सिल्वर जीता
➤फाइनल में 85.01 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो
➤जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.51 मीटर से गोल्ड जीता
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े एथलेटिक्स मंच पर देश का परचम लहराया। हालांकि, डायमंड लीग फाइनल 2025 में वह गोल्ड से चूक गए और लगातार तीसरे साल सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
85.01 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख स्थित लेट्जिग्रुंड स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में नीरज ने 85.01 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। प्रतियोगिता की शुरुआत उन्होंने 84.35 मीटर से की, जबकि दूसरा प्रयास 82 मीटर रहा। इसके बाद लगातार तीन बार उनका थ्रो फाउल हो गया। आखिरी यानी छठे प्रयास में उन्होंने 85.01 मीटर फेंककर दूसरा स्थान सुरक्षित किया।

वेबर ने जीता गोल्ड, वालकॉट को ब्रॉन्ज
इस प्रतियोगिता में जर्मनी के जूलियन वेबर ने शानदार 91.51 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वेबर पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रहे। वहीं त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट ने 84.95 मीटर की दूरी हासिल की और ब्रॉन्ज पर कब्जा किया।
2022 में जीते थे गोल्ड, अब लगातार तीसरा सिल्वर
नीरज का डायमंड लीग में यह लगातार तीसरा सिल्वर मेडल है। 2022 में उन्होंने इसी स्टेडियम में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था। लेकिन 2023, 2024 और अब 2025 में उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
मौजूदा सीजन में शानदार प्रदर्शन
इस साल नीरज ने कुल 7 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इनमें से 4 में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और 3 बार उपविजेता रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के सबसे भरोसेमंद और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले जैवलिन थ्रोअर हैं।
दोहा और पेरिस डायमंड लीग में दिखाया दम
इस सीजन की शुरुआत नीरज ने दोहा डायमंड लीग से की थी। वहां उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए 90.23 मीटर की दूरी हासिल की। यह पहली बार था जब उन्होंने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया। हालांकि, इसके बावजूद वे दूसरे स्थान पर रहे क्योंकि जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर फेंका था।
इसके बाद जून में हुए पेरिस डायमंड लीग में नीरज ने शानदार 88.16 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने पहले ही राउंड में यह थ्रो फेंका और पूरे मुकाबले में शीर्ष पर बने रहे।
नीरज का बयान – रन-अप और टाइमिंग ठीक नहीं रही
मैच के बाद नीरज ने अपने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा –
“आज का दिन थोड़ा मुश्किल था। खेल में हमेशा कुछ कठिन दिन आते हैं। आज मेरा रन-अप और टाइमिंग सही नहीं रही, लेकिन आखिरी थ्रो में 85 मीटर से ज्यादा की दूरी हासिल कर अच्छा लगा। अब मेरे पास विश्व चैंपियनशिप से पहले तीन हफ्ते का समय है और मैं अपनी टाइमिंग को बेहतर करने की पूरी कोशिश करूंगा।”
क्या है डायमंड लीग?
डायमंड लीग एथलेटिक्स की प्रतिष्ठित सीरीज है, जिसमें ट्रैक और फील्ड के 16 इवेंट शामिल होते हैं। हर साल मई से सितंबर तक अलग-अलग शहरों में प्रतियोगिताएं होती हैं और अंत में फाइनल के जरिए सीजन का समापन होता है। प्रत्येक प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को अंक मिलते हैं और टॉप-10 में रहने वाले खिलाड़ियों को फाइनल में जगह मिलती है। विजेता को डायमंड लीग ट्रॉफी और कैश प्राइज दिया जाता है।
अब वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजर
अब नीरज चोपड़ा 13 से 21 सितंबर तक टोक्यो में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उतरेंगे। यहां वह अपने गोल्ड मेडल का बचाव करेंगे। पिछली बार उन्होंने बुडापेस्ट में 88.17 मीटर का थ्रो कर खिताब जीता था। पूरी दुनिया की नजरें एक बार फिर उन पर टिकी होंगी।