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Live: Mahakumbh भगदड़ मामले में मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देंगे- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश देश बड़ी ख़बर

LIVE Mahakumbh 2025: (प्रयागराज से जितेंद्र अहलावत की रिपोर्ट) Prayagraj महाकुंभ में बुधवार तड़के करीब 2 बजे मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे मेले में अफरातफरी मच गई। भारी भीड़ के दबाव में संगम नोज के पास लगे बैरियर टूट गए, जिसके कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई जिनमें से 25 की पहचान हो गई है। 60 से लोग घायल हैं। भगदड़ में हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली एक महिला की भी मौत होने की सूचना मिली है। जिसका नाम रामपति बताया जा रहा है। महिला के पति का नाम रविंद्र है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क बनाए हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी व्यक्त की गहरी संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “प्रयागराज महाकुंभ में जो हादसा हुआ, वह बेहद दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

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उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में लगा हुआ है और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस संबंध में बात की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राज्य सरकार के संपर्क में हैं। इस दुखद घटना ने महाकुंभ के उत्सव के बीच एक गहरी छाया डाली है, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

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राष्ट्रपति ने दी संवेदनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने ट्विटर पर लिखा, “प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं घायल श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि सभी घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भगदड़ के बाद हालात बेकाबू हो गए। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने तुरंत अखाड़ों से अपील की कि वे स्नान के लिए संगम न जाएं। इस अपील के बाद साधु-संत अपने शिविरों में लौट आए और एक आपात बैठक बुलाई।

बैठक में पहले यह तय किया गया कि अखाड़ों के साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे, लेकिन कुछ देर बाद स्थिति बदल गई। अब साधु-संत रथों और गाड़ियों में सवार होकर अमृत स्नान के लिए संगम की ओर रवाना हो रहे हैं।

रास्ते में RAF और पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोका जा सके। प्रशासन हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है और महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

DIG बोले- हालात काबू में

महाकुंभ के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि आज 10 करोड़ से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारी और सुरक्षाकर्मी कल शाम से ही तैनात हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

DIG के अनुसार, सुबह के समय जबरदस्त भीड़ उमड़ने के कारण दबाव बढ़ गया। कई अखाड़ों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि वे बाद में स्नान करेंगे ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। अब जब भीड़ नियंत्रण में आ चुकी है, तो अखाड़ा मार्ग और घाट पूरी तरह तैयार हैं।

पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया गया है, और प्रशासन ने अखाड़ों को स्नान के लिए बुला लिया है। DIG ने बताया कि अभी तक भगदड़ में हताहतों की कोई आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है क्योंकि प्रशासन पूरी तरह भीड़ नियंत्रण में लगा हुआ है। हालांकि, घायलों का इलाज किया जा रहा है और सुरक्षा इंतजाम लगातार मजबूत किए जा रहे हैं।

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प्रयागराज में महाकुंभ की आस्था अपने चरम पर है। लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए उमड़ रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भीड़ का सैलाब नजर आ रहा है। भगदड़ जैसी स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं है। सुबह 11:00 बजे विभिन्न अखाड़े संगम में विशेष संस्कृत स्नान के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान केवल भाले उनके साथ होंगे।

अब तक महाकुंभ में लगभग 80 लाख वाहन प्रवेश कर चुके हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा हो चुकी है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में हुई भगदड़ जैसी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस समय 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु कुंभ में मौजूद हैं। संगम नोज पर जाने की अत्यधिक कोशिशों के कारण भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेडिंग होने के कारण कुछ श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह से अब तक चार बार फोन पर हालात की जानकारी ले चुके हैं और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। अमृत स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। साथ ही, अधिकारियों और महामंडलेश्वरों ने संतों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने पर चर्चा की है।

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मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग संयम बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पूरी मजबूती के साथ राहत और प्रबंधन कार्यों में जुटी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि सुबह 8:30 बजे तक 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 40 से अधिक विशेष ट्रेनें लगाई गई हैं, जो स्नान के बाद लगातार यात्रियों को आगे भेज रही हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ कुंभ में व्यवस्था बनाए रखने में लगा हुआ है।

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