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म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप, बैंकॉक में इमरजेंसी, भारी तबाही

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  • म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप, केंद्र मांडले के पास 10 किमी गहराई में
  • बैंकॉक तक झटके महसूस हुए, 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी, 43 लोग मलबे में दबे
  • मांडले पैलेस और सागाइंग क्षेत्र में ऐतिहासिक संरचनाएं क्षतिग्रस्त, 51 साल पुराना पुल भी टूटा
  • थाईलैंड में प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने आपातकाल की घोषणा की
  • लोग घबराकर घरों-दफ्तरों से बाहर निकले, भूकंप से भारी नुकसान की आशंका

Myanmar Earthquake 7.7 Magnitude:  शुक्रवार सुबह 11:50 बजे म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे भारी तबाही हुई। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मांडले शहर के पास 10 किलोमीटर गहराई में स्थित था। भूकंप से मंदिर, घर और ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।

भूकंप के तेज झटकों का असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किया गया, जहां एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 43 लोग मलबे में फंसे हुए हैं। बैंकॉक में घरों की दीवारों में दरारें आईं, ऊंची इमारतों के पूल से पानी गिरने लगा, और सैकड़ों लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए

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बैंकॉक में इमरजेंसी घोषित

थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा ने भूकंप के कारण आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दी है। राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।

म्यांमार में ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त

मांडले में शाही महल (Mandalay Palace) के कुछ हिस्से ढह गए, जबकि सागाइंग क्षेत्र में एक 51 साल पुराना पुल पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीदा, क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भी भारी झटके महसूस किए गए, जहां 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत

भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड के विभिन्न शहरों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। कई जगहों पर इमारतों के गिरने से धूल का गुबार उठा, जिससे सड़कों पर अफरातफरी मच गई

राहत और बचाव कार्य जारी

मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में पुलिस, मेडिकल टीमें और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हैं।