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हरियाणा में फर्जी BPL कार्डधारकों पर शिकंजा, 1609 परिवार सूची से बाहर

हरियाणा

● हरियाणा सरकार का फर्जी BPL कार्ड धारकों पर एक्शन, 1609 परिवार बाहर
● 20 अप्रैल तक खुद श्रेणी छोड़ने का अल्टीमेटम, वरना केस दर्ज होगा
● गलत इनकम दिखाने और फर्जी पारिवारिक बंटवारे के जरिए बने BPL कार्ड

Haryana Cracks Down on Fake BPL Cards: हरियाणा सरकार ने फर्जी तरीके से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में शामिल हुए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बीते एक महीने में 1609 परिवारों को इस श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने ऐसे लोगों को 20 अप्रैल तक खुद को BPL श्रेणी से हटाने का अल्टीमेटम दिया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं और जांच में पकड़े जाते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो साल तक की सजा संभव है।

सरकार ने इस संबंध में सभी संदिग्ध BPL परिवारों को मोबाइल पर संदेश भेजकर सूचित किया है। यह कार्रवाई तब तेज हुई जब विधानसभा में कांग्रेस ने फर्जी BPL परिवारों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए, जिसके तहत प्रदेश भर में गहन छानबीन शुरू की गई।

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सबसे ज्यादा फर्जी BPL परिवार सोनीपत में

1 मार्च से 1 अप्रैल के बीच सरकार ने 1609 परिवारों को BPL सूची से हटाया, जिनमें सबसे अधिक 294 परिवार सोनीपत से थे। इसके बाद 175 परिवार कुरुक्षेत्र और 145 परिवार हिसार के थे। वहीं, पंचकूला में सबसे कम केवल 3 परिवारों को BPL श्रेणी से हटाया गया।

फर्जी BPL कार्ड बनाने के दो प्रमुख तरीके

सरकार की जांच में दो प्रमुख अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनके जरिए लोग गलत तरीके से BPL श्रेणी में शामिल हुए—

  1. गलत इनकम दर्ज कराना: सरकार के नियमों के अनुसार, वही परिवार BPL श्रेणी में आते हैं जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम हो। लेकिन जांच में पाया गया कि कई लोगों की आय इससे अधिक होने के बावजूद उन्होंने गलत जानकारी देकर BPL कार्ड बनवा लिया।
  2. फर्जी पारिवारिक बंटवारा: कई परिवारों ने जानबूझकर अपने परिवार को कागजों में अलग-अलग दिखाया ताकि उनकी व्यक्तिगत आय 1.80 लाख से कम रहे और वे BPL श्रेणी में बने रहें। हालांकि, वास्तविकता में वे एक ही घर में रहते हैं और उनकी कुल आय इससे कहीं अधिक होती है।

सरकार की सख्त चेतावनी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 20 अप्रैल तक जिन लोगों ने स्वेच्छा से अपनी BPL श्रेणी को सही नहीं किया, उन्हें पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। न केवल उन्हें इस श्रेणी से बाहर किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया जाएगा और सरकारी लाभ की वसूली भी की जाएगी।

हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण गलत तरीके से BPL सूची में शामिल हुए लोगों की जांच कर रहा है और उनकी पहचान कर उन्हें सूची से बाहर कर रहा है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 3.53 लाख रुपये हो गई है, तो BPL परिवारों की संख्या कैसे बढ़ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतियों में विरोधाभास दिखा रही है।