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रिश्वतखोरी के आरोपों में फंसे दीपक सिहाग, गन्नौर मार्केट सचिव निलंबित

हरियाणा

● गन्नौर मार्केट कमेटी के सचिव दीपक सिहाग निलंबित, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज
● कृषि मंत्री के आदेश की अवहेलना करने और रिश्वत मांगने का आरोप
● सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग व मार्केट फीस हेराफेरी का भी आरोप

Suspension: हरियाणा के सोनीपत जिले में गन्नौर मार्केट कमेटी के सचिव दीपक सिहाग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन पर कृषि मंत्री के आदेश की अवहेलना करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने के बाद सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ पहले से चल रही जांच भी तेज कर दी गई है।

मामले की शुरुआत गन्नौर की पुरानी अनाज मंडी में स्थित श्री चंद प्रमोद जैन फर्म से हुई थी, जिसे नई अनाज मंडी में दुकान आवंटित नहीं हो पाई थी। आरोप है कि फर्म मालिक गौरव जैन ने कृषि मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद मंत्री ने मार्केट कमेटी के सचिव दीपक सिहाग को फर्म को दुकान आवंटित करने के लिए लिखित आदेश देने को कहा। लेकिन सिहाग ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद गौरव जैन ने मंत्री से शिकायत कर दी कि सचिव ने दुकान आवंटन के बदले रिश्वत की मांग की थी।

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शिकायत मिलने पर मंत्री ने सिहाग के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, यह मामला यहीं नहीं रुका। निलंबन के बाद उनके खिलाफ पहले से चल रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच को भी तेज कर दिया गया है।हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से दीपक सिहाग को निलंबित करते हुए उन्हें पंचकूला स्थित आईआईएसएम बोर्ड के मुख्यालय में अटैच कर दिया है। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं दी गई है।

पुराने आरोपों ने बढ़ाई मुसीबत

दीपक सिहाग पर पहले भी कई गंभीर आरोप लगे थे, जिनमें सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग और राजस्व चोरी शामिल हैं। किसानों और आढ़तियों ने प्रशासन को सौंपी अपनी शिकायत में सिहाग पर निम्नलिखित आरोप लगाए थे:

  • रेस्ट हाउस में अवैध निवास: सिहाग पर आरोप है कि वे मार्केटिंग बोर्ड के रेस्ट हाउस में नियमों का उल्लंघन करते हुए रह रहे थे और इसके बावजूद आवासीय भत्ता भी ले रहे थे।
  • संसाधनों का दुरुपयोग: सरकारी बिजली और पानी का अत्यधिक उपयोग करने का भी आरोप लगाया गया है, जिसमें एयर कंडीशनर, रूम हीटर और वॉटर गीजर का अनधिकृत रूप से इस्तेमाल शामिल है।
  • राजस्व चोरी: धान के सीजन में ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों से मार्केट फीस में हेराफेरी कर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप भी उन पर लगाया गया है।
  • आढ़तियों को परेशान करना: व्यापारियों ने भी आरोप लगाए हैं कि सिहाग उन्हें अनुचित दबाव में रखकर परेशान कर रहे थे।