3 हजार करोड़ की ठगी का आरोपी राधेश्याम बीजेपी नेताओं से नजदीकियां बढ़ा रहा है
MP मनोज तिवारी और हरियाणा CM नायब सैनी से मुलाकात की फोटो-वीडियो वायरल
कल फतेहाबाद कोर्ट में 3 हजार करोड़ की ठगी मामले में सुनवाई, 17 आरोपी नामजद
Radheshyam Fraud Case: हरियाणा समेत देश के नौ राज्यों में करीब 3 हजार करोड़ की ठगी का आरोपी राधेश्याम सुथार उर्फ ‘परमगुरु’ एक बार फिर चर्चा में है। जेल से रिहा होने के बाद अब राधेश्याम खुद को आध्यात्मिक गुरु के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है और भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ा रहा है। हाल ही में उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह दिल्ली के भाजपा सांसद मनोज तिवारी से मिलते दिख रहा है। वीडियो में मनोज तिवारी को राधेश्याम के पैर छूते और उसकी लिखी किताब ‘परम रहस्यम’ लेते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से भी उसने मुलाकात की और उन्हें गीता भेंट की। इन मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में भी हलचल है।
राधेश्याम ने इससे पहले सिरसा में अपने नए आश्रम निर्माण को लेकर भव्य कार्यक्रम किया था, जिसमें कई कलाकारों और सामाजिक प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। इसके साथ ही वह बिश्नोई समाज के संतों से भी संपर्क साध रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बदनामी के बाद अपनी छवि सुधारने और खुद को धार्मिक नेता के रूप में स्थापित करने के लिए राधेश्याम ने IT सेल भी बना रखी है। यह टीम राधेश्याम के हर मूवमेंट को रिकॉर्ड करती है, फोटो-वीडियो वायरल करती है और उसके खिलाफ किसी भी ऑनलाइन टिप्पणी को हटवाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रिपोर्ट करती है।
वहीं, दूसरी ओर राधेश्याम पर दर्ज ठगी के मामले अभी भी कोर्ट में लंबित हैं। कल यानी 19 अप्रैल को फतेहाबाद की अदालत में उसकी कंपनी ‘फ्यूचर मेकर’ से जुड़े 3 हजार करोड़ की ठगी मामले की सुनवाई है, जिसमें राधेश्याम (कंपनी के पूर्व CMD) और बंसीलाल (MD) समेत कुल 17 आरोपी शामिल हैं। इन पर पहले से ही नौ मुकदमे चल रहे थे और हाल ही में हिसार के HTM थाना से दो और केस फतेहाबाद कोर्ट में ट्रांसफर किए गए हैं।
राधेश्याम की पृष्ठभूमि की बात करें तो वह मूल रूप से हिसार जिले के आदमपुर ब्लॉक के गांव सीसवाल का निवासी है। पहले प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था, लेकिन बाद में ‘फ्यूचर मेकर’ नाम से मल्टीलेवल नेटवर्किंग कंपनी शुरू कर ठगी का धंधा जमाया। इस कंपनी के तहत लोगों को 7200 रुपए निवेश करने पर 60 हजार रुपये वापस मिलने का लालच दिया जाता था। 2018 में तेलंगाना पुलिस ने साइबराबाद से इस कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर 3 हजार करोड़ की ठगी का खुलासा किया था। इसके बाद हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत नौ राज्यों में 50 से ज्यादा केस दर्ज हुए। पुलिस ने कंपनी से जुड़े 200 करोड़ जब्त किए और ED ने भी करीब 300 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की।
राधेश्याम को 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और वह चार साल तीन महीने तक जेल में रहा। 2022 में रिहा होने के बाद वह ‘परमगुरु’ बनकर सामने आया और खुद को कृष्ण भक्त बताते हुए ‘गीता परम रहस्यम’ नामक पुस्तक प्रकाशित की। अब वह लगातार धार्मिक कार्यक्रमों और राजनीतिक मुलाकातों के जरिये खुद को स्थापित करने की कोशिश में लगा है।

