➤ फरीदाबाद डीसी और नगर आयुक्त को जुर्माना चेतावनी
➤ मानवाधिकार आयोग ने अवमानना पर नोटिस दिया
➤ प्रति मामले 20,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने फरीदाबाद के जिला उपायुक्त (डीसी) और नगर आयुक्त को मानवाधिकार निर्देशों की बार-बार अनदेखी करने और आयोग के आदेशों की अवमानना करने के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग ने उन्हें तीन अलग-अलग मामलों में प्रति मामले 20,000 रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। यह कार्रवाई तब की गई जब दोनों अधिकारियों ने आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों का लगातार पालन नहीं किया और उनके आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया।
आयोग ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ हरियाणा मानवाधिकार आयोग अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इन मामलों में आयोग ने पहले ही अपनी जांच पूरी कर ली थी और संबंधित अधिकारियों को मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने और प्रभावितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। हालांकि, इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण आयोग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
यह घटना दर्शाती है कि मानवाधिकार आयोग अपने आदेशों के पालन को लेकर कितना गंभीर है और वह किसी भी कीमत पर मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। आयोग का कहना है कि सरकारी अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करें और उन्हें सुनिश्चित करें। यदि वे इसमें विफल रहते हैं, तो आयोग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।
इन मामलों में आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आगामी सुनवाई में अधिकारी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं और आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं, तो उन पर लगाए गए जुर्माने की राशि और बढ़ाई जा सकती है, साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। यह चेतावनी अन्य सरकारी अधिकारियों के लिए भी एक संदेश है कि वे मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें, ताकि ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। यह मामला फरीदाबाद प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, क्योंकि उन्हें अब मानवाधिकार आयोग के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे उल्लंघन न हों।