- पटना के पारस अस्पताल के ICU में भर्ती चंदन मिश्रा की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या की, CCTV में पूरी वारदात कैद।
- चंदन हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था, 15 दिन की पैरोल पर इलाज के लिए बाहर आया था।
- SSP का दावा– चंदन के विरोधी गुट ने मर्डर किया; SIT गठित, शूटर की पहचान हो गई है।
पटना में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण गुरुवार को शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में स्थित पारस अस्पताल में देखने को मिला, जहां भर्ती एक कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की ICU में अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मर्डर की CCTV फुटेज सामने आई है, जिसमें पांच हथियारबंद अपराधी वार्ड तक आराम से आते दिख रहे हैं, पिस्टल निकालकर गोली मारते हैं और मात्र 30 सेकेंड में बाहर निकलकर फरार हो जाते हैं।
चंदन मिश्रा, बक्सर का रहने वाला था और राजेंद्र केसरी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा था। वह 12 वर्षों से जेल में था, और वर्तमान में पटना के बेऊर जेल में बंद था। 15 दिन की पैरोल पर बवासीर के ऑपरेशन के लिए बाहर आया था और पारस अस्पताल में भर्ती था। ICU में बेड नंबर 209 पर लेटे-लेटे ही सोते वक्त उसे गोली मार दी गई।
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि चंदन एक दुर्दांत अपराधी था, जो 10 से अधिक मर्डर केस में आरोपी था। इलाज के लिए पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन विरोधी गैंग ने उसका पीछा करते हुए अस्पताल में घुसकर हत्या कर दी। SIT का गठन कर दिया गया है और शूटर की पहचान हो चुकी है, जो फुलवारी शरीफ का रहने वाला है और उस पर भी हत्या समेत दर्जनों केस दर्ज हैं।
CCTV फुटेज में दिख रहा है कि पांचों हमलावर सीधे अस्पताल में दाखिल होते हैं, वार्ड के बाहर पिस्टल निकालते हैं, फिर वार्ड में जाकर गोली मारते हैं और निकल जाते हैं।
इस घटना को लेकर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक चश्मदीद ने बताया कि अपराधी पिस्टल लेकर चिल्लाते हुए अस्पताल में घुसे। उसने डर जताया कि मरीज की सुरक्षा अब अस्पताल में भी नहीं बची है।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं:
- तेजस्वी यादव ने X पर लिखा – “बिहार में अब कोई भी सुरक्षित नहीं! अस्पताल में भर्ती मरीज को गोली मार दी गई!”
- JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार किया – “1998 में राबड़ी देवी के कार्यकाल में अस्पताल में ही मंत्री की हत्या हुई थी।”
- BJP प्रवक्ता ने कहा – “अपराधियों का यही अंजाम होता है, पुलिस अपराधियों को जल्द पकड़ लेगी।”
- मंत्री अशोक चौधरी ने कहा – “यह प्राइवेट अस्पताल है, उनकी अपनी सिक्योरिटी है। मृतक खुद अपराधी था, जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।”
वहीं, पूर्णिया सांसद को जब अस्पताल में प्रवेश से रोका गया, तो उन्होंने गार्ड को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
अब देखना यह है कि पुलिस इस सनसनीखेज वारदात में शूटरों को कब तक पकड़ पाती है, और अस्पताल जैसी जगह पर सुरक्षा के मुद्दे पर प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है।