➤इंस्पेक्टर को हनी ट्रैप में फंसाकर 11 लाख की डिमांड
➤कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया, 22,500 रुपए वसूले
➤दो आरोपी गिरफ्तार, दो महिलाएं फरार
पानीपत में एक मलेरिया इंस्पेक्टर को हनी ट्रैप में फंसाकर जबरन वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में सीआईए टू पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नौल्था गांव निवासी आशीष और सोनू के रूप में हुई है।

उप पुलिस अधीक्षक यातायात सुरेश कुमार सैनी ने प्रेसवार्ता में बताया कि 7 जुलाई 2025 को इसराना निवासी व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, गोहाना रोड पर नौल्था निवासी नरेंद्र पंडित और दो महिलाओं ने उसे फंसाया। एक महिला ने खुद को वकील बताया जबकि दूसरी ने सहेली बनकर संपर्क किया। बाद में महिला वकील की सहेली ने उसे सोसायटी के फ्लैट पर बुलाया। वहां उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाकर कपड़े उतरवाने को कहा गया। इसी बीच दो युवक कमरे में घुस आए और उसे धमकाते हुए बलात्कार केस में फंसाने की धमकी दी। गिरोह ने 11 लाख रुपये की मांग की और 4 लाख में डील फाइनल कर मौके पर 22,500 रुपये वसूले।
पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। सीआईए टू टीम ने बुधवार को आरोपी सोनू को अनाज मंडी और आशीष को सनौली रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे और उनकी महिला साथी लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर फ्लैट पर बुलाते थे और गुप्त रूप से अश्लील वीडियो बनाकर पैसों के लिए ब्लैकमेल करते थे।
गिरफ्तार आरोपी सोनू का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, स्नेचिंग और आर्म्स एक्ट के 15 मामले दर्ज हैं। वह पहले भी लूट के केस में 10 साल की सजा काट चुका है और हाल ही में करनाल जेल से 70 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। 3 जून को उसे जेल लौटना था लेकिन उसने पैरोल जंप कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया। पुलिस अब फरार महिला आरोपियों की तलाश कर रही है।

