➤ उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली में बादल फटा, कई घर और गाड़ियां मलबे में दबे
➤ 20 वर्षीय युवती की मौत, एक व्यक्ति लापता, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें जुटीं
➤ राजस्थान-हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट, सैकड़ों सड़कें बंद, अब तक 295 मौतें
उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली में शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच बादल फटने से इलाके में तबाही मच गई। भारी बारिश और तेज बहाव के साथ आया मलबा कई मकानों में घुस गया। एसडीएम आवास सहित कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई गाड़ियां मलबे में दब गईं।

चमोली के एडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि अचानक आई बाढ़ और मलबे से काफी नुकसान हुआ है। इस आपदा में सागवाड़ा गांव की 20 वर्षीय युवती मलबे में दबकर मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति लापता है। मरने और लापता होने वालों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। बता दें कि रात को ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

तुनरी गधेरा में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। मलबा पिंडर नदी के पास की इमारतों तक भर गया है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे मिंग गधेरा के पास पत्थर गिरने और मलबा आने के कारण बंद हो गया है। थराली बाजार, कोटदीप तहसील परिसर और चेपड़ों बाजार में भी दुकानों और इमारतों को नुकसान पहुंचा।

घटनास्थल की तस्वीरें बताती हैं कि बड़े-बड़े पत्थर और टूटे हुए पेड़ बहकर रिहायशी इलाकों में जा गिरे। कई घरों में पानी भर गया, लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।

उधर, राजस्थान के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। चित्तौड़गढ़, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, डूंगरपुर और भीलवाड़ा में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी 23 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अब तक मानसून शुरू होने के बाद से 347 सड़कें बंद हैं और 295 लोगों की मौत हो चुकी है।