हरियाणा करनाल जिले के असंध की अनाज मंडी में हुए धान घोटाले में दोनों इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर फर्जी तरीके से धान दिखाकर गबन किया था। मामले की भनक लगते ही सरकार की ओर से जांच के आदेश दिए गए। जिसमें दोनों पुलिस अधिकारियों की सहभागिता मिली। दोनों ने मंडी में फर्जी पोर्टल से करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।
मामले में दोनों इंस्पेक्टर की सहभागिता मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जिन्हें मंगलवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ की। जिसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला
पिछले साल पिछले धान के सीजन में फर्जी पोर्टल से गड़बड़ी करने का मामला सामने आया था। जिसमें असंध की नई अनाज मंडी में बड़े ही शातिर तरीके से फर्जी पोर्टल पर डाटा अपलोड किया और धान की खरीद दिखा दी गई थी। यह धान करनाल के तीन राइस मिलरों ने लिया था। आढ़ती ने शिकायत में आरोप लगाया था कि आढ़ती रामदत्त शर्मा ने यह धान बाहर के राज्यों से सस्ते रेट में लाकर यहां फर्जी पोर्टल पर दिखाकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की है। ऐसे में करनाल रेंज IG को खरीददार मुनीश ने आढ़ती रामदत्त शर्मा के खिलाफ एक शिकायत दी। जिसमें आरोप लगाया कि आढ़ती ने फर्जी पोर्टल से 5180 क्विंटल धान खरीद की थी। मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसी ने किसान की धान पर मुहर लगाई और राइस मिलरों ने धान को स्वीकार किया है। ऐसे में फर्जीवाड़ा कैसे हुआ इसका खुद अंदाजा लगाया जा सकता है।
तीन राइस मील में मिल में पहुंचाया गया धान
फर्जीवाड़े में तीन मिलों को धान गई है। बताया जा रहा है कि करनाल के BRC ओवरसीज राइस मिले में करीब 4300 क्विंटल, जय गोविंदा राइस मिल में करीब 300 क्विंटल, श्रीबांके बिहारी राइस मिल में करीब 580 क्विंटल धान पहुंचाया गया है। किसानों के खाते में पहुंची राशि को लेकर जब संबंधित आढ़ती फरार हो गया तो मिल संचालकों की चिंता बढ़ गई।
फर्जीवाड़ा करने वालों के साथ सरकार सख्त
सरकार फर्जीवाड़ा करने वाला के खिलाफ शुरू से ही सख्त रही है। वर्ष 2022-23 में भी जब मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर गड़बड़ियां सामने आई थी। जिसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने असंध और जुंडला मंडी में छापामार कार्रवाई की थी। जिसमें 42 हजार क्विंटल धान के फर्जी गेट पास कटे मिले। जिसके बाद तत्कालीन मार्केट मंडी बोर्ड सचिव पवन चोपड़ा के साथ ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से इंस्पेक्टर संदीप और सब-इंस्पेक्टर गौरव को सस्पेंड कर दिया गया था। इतना ही नहीं करनाल मंडी के तीन सुपरवाइजर, चार ऑक्शन रिकार्ड और सचिव-कम-ईओ को सस्पेंड कर दिया गया था।

रोहतक और पानीपत के हैं दोनों इंस्पेक्टर
असंध अनाज मंडी में धान घोटाले के मामले में इंस्पेक्टर योगेश कुंडू और सुरेश कुंडू की मिलीभगत सामने आई है। योगेश रोहतक के टिटौली गांव और सुरेश पानीपत के लतीफ गार्डन का रहने वाला है। वर्तमान में योगेश कुंडू नूंह में और सुरेश पानीपत में नियुक्त थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मुख्यालय स्तर पर दोनों को सस्पेंड करने की प्रोसेस शुरू कर दी गई है। डीसी अनीश यादव ने बताया कि धान सीजन में फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस अपना काम सख्ताई से कर रही है। पिछले सीजन के दौरान मंडियों में धान घोटालों की जांच में किसी तरह की नरमाई नहीं बरती जाएगी।

