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🌹 दिनांक : 11 सितम्बर 2023🌷
🌹 दिन – सोमवार🌷
🌹 विक्रम संवत – 2080🌷
🌹 शक संवत – 1945🌷
🌹 अयन – दक्षिणायन🌷
🌹 ऋतु – शरद🌷
🌹 मास – श्रावण🌷
🌹 पक्ष – कृष्ण पक्ष🌷
🌹 तिथि – द्वादशी🌷
🌹 नक्षत्र – पुष्य🌷
🌹 योग – परीघा🌷
🌹 सूर्योदय – सुबह 6:08 पर🌷
🌹 सूर्यास्त – शाम 6:29 पर🌷
🌹 प्रथम करण – कौवाला🌷
🌹 द्वितीय करण – तैतिल🌷
🌹 दिशाशूल- पश्चिम🌷
🌹 चंद्रराशि –कर्क🌷
🌹 सूर्यराशि – सिंह🌷
🌹 शुभमुहूर्त – अभिजीत🌷
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🍇पंचांग की जरूरत :
पंचांग का उपयोग मुख्यत्वे, काल गणना, तिथि वार, व्रत, शुभ मुहूर्त, देखने के लिए पंचांग का उपयोग किया जाता है. ज्योतिष गाइड के दैनिक पंचांग में नक्षत्र, योग, करन सहित, शुभ-अशुभ समय, मुहूर्त, चंद्र बल, तारा बल पंचांग में आसानीसे उपलब्ध है। पंचांग का निर्धारण, ब्रम्हांड की गति पर निर्भर है. इसलिए जैसे जैसे पृथ्वी भ्रमण करती है, पंचांग समय क्षेत्र के अनुसार बदलता दिखाई देता है. इसलिए एक ही पंचांग अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग अलग हो सकता है, इसलिए सही पंचांग का समय निर्धारण के लिए, क्षेत्र को चुनना अति महत्वपूर्ण है।
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🍇नक्षत्र :
आकाश मंडल में एक तारा समूह को नक्षत्र कहा जाता है। इसमें 27 नक्षत्र होते हैं और नौ ग्रहों को इन नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। 27 नक्षत्रों के नाम- अश्विन नक्षत्र, भरणी नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र, रोहिणी नक्षत्र, मृगशिरा नक्षत्र, आर्द्रा नक्षत्र, पुनर्वसु नक्षत्र, पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र, स्वाति नक्षत्र, विशाखा नक्षत्र, अनुराधा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, श्रवण नक्षत्र, घनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा नक्षत्र, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, रेवती नक्षत्र।
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🍇योग :
नक्षत्र की भांति योग भी 27 प्रकार के होते हैं। सूर्य-चंद्र की विशेष दूरियों की स्थितियों को योग कहा जाता है। दूरियों के आधार पर बनने वाले 27 योगों के नाम – विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र और वैधृति।
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🍇करण :
एक तिथि में दो करण होते हैं। एक तिथि के पूर्वार्ध में और एक तिथि के उत्तरार्ध में। ऐसे कुल 11 करण होते हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और भद्रा में शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं।
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पंचांग क्या है
पंचांग दैनिक ज्योतिषीय कैलेंडर है जो ग्रहों और सूक्ष्म स्थितियों के आधार पर चंद्र दिवस के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करता है। इसमें पाँच विशेषताएँ शामिल हैं- तिथि (द लूनर डे), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चन्द्र मेंशन), योग (चन्द्र-सौर दिवस) और करण (आधा चन्द्र दिवस)। इन पांच विशेषताओं के आधार पर, ज्योतिषी किसी भी नए कार्य या हिंदू धार्मिक अनुष्ठान को शुरू करने के लिए मुहूर्त या शुभ समय का निर्धारण करते हैं और इसके साथ-साथ अशुभ समय को भी देखते हैं जिससे हर किसी को बचना चाहिए।
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🍇दैनिक पंचांग और उसका महत्व
प्राचीन ऋषियों और वेदों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करता है, तो वह सकारात्मक तरीके से प्रतिक्रिया देता है और व्यक्ति को उसके कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद करता है। हिन्दू दैनिक पंचांग इस सौहार्द को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसके उपयोग से व्यक्ति को तिथि, योग और शुभ-अशुभ समयों में ज्योतिषीय अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है। जिससे हम सूक्ष्म संचार के आधार पर उपयुक्त समय के बारे में जान सकते हैं और अपने समय और कार्य का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।
ज्योतिषी लोगों को सुझाव देते हैं कि वे अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
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🍇राशिफल :
🎍मेष राशि : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

मन परेशान रहेगा, आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है, माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। तनाव में कुछ कमी आ सकती हैं, माता का सानिध्य मिलेगा। वाणी में सौम्यता रहेगी, माता से धन की प्राप्ति भी हो सकती है। परिवार में सुख-शान्ति रहेगी, नौकरी में यात्रा पर जा सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा, यात्रा के योग बन रहे हैं।

🎍वृष राशि : (ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

व्यर्थ के क्रोध से बचें, बातचीत में संयत रहें। किसी मित्र का आगमन हो सकता है, बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि हो सकती है। नकारात्मक विचारों के प्रभाव से बचें, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, धैर्यशीलता में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास से लवरेज रहेंगे, किसी पैतृक कारोबार का विस्तार हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं।

🎍मिथुन राशि : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)

संयत रहें, अपनी भावनाओं को वश में रखें, परिवार में सद्भाव बनाकर रखें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं, शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। मन में निराशा एवं असन्तोष की मनःस्थिति रहेगी, कार्यों के प्रति जोश बढ़ता रहेगा, शैक्षिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा, उदर विकार से परेशान हो सकते हैं। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं, खर्च अधिक रहेंगे।

🎍कर्क राशि : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो)

मन प्रसन्न रहेगा, सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव बढ़ेगा, नौकरी में उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि तो रहेगी, परन्तु शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है। आशा-निराशा के मिश्रित भाव मन में रहेंगे, मानसिक शान्ति रहेगी, लेकिन खर्चों के अधिकता से चिन्तित रहेंगे। माता से धन की प्राप्ति होगी।

🎍सिंह राशि : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। पिता का साथ मिलेगा, परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। मानसिक तनाव भी हो सकता है, पारिवारिक जीवन कष्टमय हो सकता है, धैर्यशीलता में कमी रहेगी। नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी, शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं।

🎍कन्या राशि : (ढो, प, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी, शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं, मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। किसी मित्र का सहयोग मिलेगा, आत्मविश्वास से लवरेज रहेंगे। वाणी में सौम्यता रहेगी, क्रोध के अतिरेक से बचें, पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं, शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी, भाई-बहनों से मतभेद हो सकते हैं।

🎍तुला राशि : (र, री, रू, रे, रो, ता, ति, तू, ते)

आत्मविश्वास में कमी आएगी, मन परेशान हो सकता है। परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी, क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति रहेगी, पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। रहन-सहन में असहज रहेंगे, स्वास्थ्य का ध्यान रखें, माता का साथ मिलेगा।

🎍वृश्चिक राशि : (तो, न, नी, नू, ने, नो, या, यि, यू)

आत्मसंयत रहें, बातचीत में सन्तुलन बनाये रखें, परिवार का साथ मिलेगा। बौद्धिक कार्यों से आय में वृद्धि हो सकती है, अपनी भावनाओं को वश में रखें, मानसिक शान्ति रहेगी। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे, वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है, माता से आर्थिक सहायता मिल सकती है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़़ सकता है, यात्रा पर जा सकते हैं।

🎍धनु राशि : (य, यो, भा, भि, भू, ध, फा, ढ, भे)

मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें, परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। आत्मविश्वास में कमी आएगी, नकारात्मक विचारों का प्रभाव रहेगा। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान रहेगा, किसी सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं। कारोबार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, वाहन सुख का लाभ मिलेगा।

🎍मकर राशि : (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे, कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है, सन्तान सुख में वृद्धि होगी, भागदौड़ अधिक रहेगी। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परन्तु अति उत्साही होने से बचें। संयत रहें, अनियोजित खर्च बढ़ेंगे, जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, माता का सहयोग मिलेगा। सन्तान को कष्ट रहेगा, किसी पुराने मित्र से पुनः सम्पर्क हो सकता है।

🎍कुम्भ राशि : (गू, गे, गो, स, सी, सू, से, सो, द)

वाणी में मधुरता रहेगी, आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, आलस्य भी बढ़ सकता है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा, पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मन अशान्त रहेगा, क्रोध के अतिरेक से बचें। परिवार में आपसी विवाद हो सकते हैं। आत्मसंयत रहें, धैर्यशीलता में कमी रहेगी, संतान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। भवन के रखरखाव पर खर्च बढ़ सकते हैं, खानपान के प्रति सचेत रहें।

🎍मीन राशि : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, च, ची)

परिवार में शान्ति के प्रयास करें, खर्चों की अधिकता से परेशान हो सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी, लाभ के अवसर मिलेंगे। कारोबार के लिए यात्रा लाभप्रद रहेगी, आत्मविश्वास में कमी आएगी। किसी पारिवारिक सम्पत्ति पर विवाद की स्थिति हो सकती है, सन्तान सुख में कमी आ सकती हैं। कार्यक्षेत्र कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, आपसी मतभेद हो सकते हैं, भाई-बहनों का साथ मिलेगा।

🎍(पं. दाऊजी महाराज, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य एवं श्री अवध धाम मंदिर संस्थापक पानीपत) 🎍
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