एशियन गेम्स में बजरंग पूनिया का बिना ट्रायल के चयन करने का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा। बजरंग को बिना ट्रायल के एशियन गेम्स में भेजने का विरोध जारी है। मामले में खिलाड़ी विशाल कालीरामण के परिजनों व समर्थकों ने बजरंग पूनिया को चुनौती दी है। विशाल को हराने पर परिजनों ने बजरंग पूनिया को 27 लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। वहीं विशाल के पिता का कहना है कि वह इस लड़ाई को जारी रखेंगे और बजरंग को एशियन गेम्स में नहीं जाने देंगे। बजरंग को बिना ट्रायल एशियन गेम्स में भेजने के विरोध में दिल्ली में धरना देने की परमिशन मांगी गई है।
बजरंग पूनिया की बिना ट्रायल एशियन गेम्स में एंट्री करवाने के विरोध में हरियाणा के सबसे बड़े गांव सिसाय में पंचायत हुई। पंचायत में बजरंग पूनिया को विशाल के साथ कुश्ती करने का खुला चैलेंज दिया गया है। इस दौरान फैसला लिया गया कि यदि बजरंग पूनिया कुश्ती में विशाल कालीरामण को हरा देते हैं तो गांव बजरंग पूनिया को 27 लाख रुपये नगद, एक कार, एक भैंस देकर और पगड़ी पहनाकर सम्मानित करेगी। इसके लिए पंचायत की ओर से 10 दिन का समय दिया गया है। पंचायत में फैसला लिया गया कि बजरंग पूनिया को बिना ट्रायल के एशियन गेम्स में भेजने के विरोध में वह दिल्ली में धरना देंगे। इसके लिए परमिशन भी मांगी गई है। जैसे ही परमिशन मिलती है, वह धरना देने का काम करेंगे।
ग्रामीण बोलें विशाल के साथ नहीं होने देंगे अन्याय
जींद की जाट धर्मशाला में शनिवार को इसी मामले को लेकर खापों की महापंचायत का आयोजन किया गया था, लेकिन पंचायत में बात सिरे नहीं चढ़ सकी। ग्रामीणों का कहना है कि जब खापों के प्रतिनिधियों ने बजरंग पूनिया से इस मामले में बात की थी तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह खापों के फैसले को स्वीकार करेंगे। जींद पंचायत में किसी प्रकार की सहमति नहीं बनने पर पूरा गांव विशाल कालीरामण के पक्ष में आ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि विशाल ने कुश्ती के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। हर खिलाड़ी का सपना अपने देश के लिए खेलने का होता है। जब विशाल का ट्रायल में चयन हो चुका है, उसके बावजूद भी उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। वो खिलाड़ियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
बजरंग पूनिया जीते तो यह लोग देंगे 27 लाख
अगर बजरंग पूनिया और विशाल कालीरामण के बीच कुश्ती का मुकाबला हो जाता है। उसमें खिलाड़ी विशाल को पटखनी देने पर बजरंग को 27 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। इन 27 लाख रुपयों में 11 लाख रुपये गांव की तरफ से दिए जाएंगे। इसके अलावा 5 लाख रुपये रामकुमार और 11 लाख रुपये गांव बामला से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे सुनील ने देने का एलान किया है।
इसके अलावा खिलाड़ी विशाल कालीरामण के चाचा ने एक गाड़ी और ताऊ ने एक भैंस देने का एलान किया है। विशाल के पिता सुभाष चंद्र का कहना है कि विशाल दिल्ली में अभ्यास कर रहा है। हम उसे डिस्टर्ब नहीं कर रहे हैं। सुभाष ने कहा कि विशाल ट्रायल में प्रथम आया था। अब पूरे गांव ने ऐलान किया है कि वह विशाल के साथ है। विशाल के लिए लड़ाई लड़ेंगे और बजरंग को विशाल से बिना लड़े एशियन गेम्स में नहीं जाने देंगे।