Assembly Election 2023 Exit Poll Fail : वर्ष 2023 का गुजरता साल अपने अंतिम माह दिसंबर में राजनीतिक उलटफेर लेकर आया है। साथ ही गुजरता साल कांग्रेस पर भारी पड़ता दिख रहा है। जिसने कांग्रेस से दो राज्यों की कमानों को छीनकर भाजपा के पाले में छोड़ दिया है। अब भाजपा दो राज्यों में कांग्रेस से सत्ता छीनती नजर आ रही है। वहीं कुछ एजेंसियों ने नवंबर 2023 में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल जारी किए, लेकिन अब यह एग्जिट पोल फेल होते दिखाई दे रहे हैं। इन एग्जिट पोल में तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई, लेकिन चुनावी परिणाम के बाद नतीजे कुछ और ही साबित हो रहे हैं।
राजस्थान सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से जुड़े एक्जिट पोल तीन दिन पहले ही सामने आए थे। इनमें सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश के एक्जिट पोल से चौंकाया है। मध्यप्रदेश में जहां ज्यादातर सर्वे एजेंसियों ने कड़ी टक्कर के साथ कांग्रेस की अधिक सीटें दिखाई, तो वहीं तीन एक्जिट पोल ऐसे भी हैं। जिनमें भाजपा की बढ़त को दिखाया गया। बता दें कि 30 नवंबर को जैसे ही तेलंगाना में मतदान का कार्य पूरा हुआ तो कुछ एजेंसियों की ओर से 5 राज्यों में हुई वोटिंग पर एक्जिट पोल जारी किए गए। इनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम राज्य शामिल रहा।

नवंबर माह में विधानसभा के लिए दोबारा मतदान करवाया गया। मतदान से पहले इन 5 राज्यों में से 2 में कांग्रेस सत्ता पर काबिज थी, जबकि एक में भारतीय जनता पार्टी, एक में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और एक अन्य में क्षेत्रीय मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) सत्ता संभाले हुए थी। चुनावी प्रक्रिया के तहत मतदान के बाद एक्जिट पोल जारी किए गए। जिसकी सच्चाई कुछ और ही सामने आ रही है।

गौरतलब है कि एक्सिस माय इंडिया सर्वे एजेंसी का दावा है कि उसने कुल 64 सर्वे में 60 को सही साबित किया है। उसका एक्यूरेसी रेट 94 प्रतिशत रहा है। हालांकि वर्ष 2021 में बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी इस एजेंसी के एक्जिट पोल पूरी तरह फेल साबित हुए थे, जबकि टुडेज चाणक्य ने टीएमसी की सरकार बनवाई थी, लेकिन सीटें कम दिखाई गई थी।

बता दें कि तेलंगाना में मतदान के बाद एक्सिस इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि इस बार राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अशोक गहलोत के नेतृत्व में भाजपा से कुछ अंतर से जीत दर्ज कर सकती है। अगर बात वर्ष 2018 के चुनाव की करें तो उस दौरान भी प्रदेश में भाजपा की बढ़त की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन यह सर्वेक्षण उलटफेर नजर आया। बता दें कि एक्सिस इंडिया टुडे का एक्जिट पोल को सही साबित करने का सबसे अच्छा रिकॉर्ड है, लेकिन इस बार फिर सर्वेक्षण गलत साबित हुआ। वहीं अधिकतर एजेंसियों की ओर से एक्जिट पोल में भाजपा को आगे दिखाया गया था।

उधर मध्यप्रदेश में सर्वे के दौरान यह बात सामने आई थी कि यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में बराबरी की टक्कर रहेगी। हालांकि यहां एक्सिस इंडिया टुडे पोल ने प्रदेश में भाजपा की भारी जीत का दावा किया था। अब मध्यप्रदेश में भाजपा फिर से कांग्रेस को पछाड़ती नजर आ रही है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ की बात करें तो एग्जिट पोल में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला दिखाया गया। जो कि पिछले ओपिनियन पोल के विपरीत रहा। मौजूदा सत्ता काबिज कांग्रेस की जीत को सरल दिखाया गया। एक्सिस इंडिया टुडे पोल में कांग्रेस को हल्की बढ़त दी गई है, लेकिन एक्जिट पोल के नतीजों को धता बताते हुए छत्तीसगढ़ में भाजपा अपना परचम लहराती दिख रही है।

वहीं तेलंगाना के सर्वेक्षण में सामने आया था कि सबसे पुरानी पार्टी बीआरएस और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) को झटका दे सकती है। जबकि अन्य ने करीबी मुकाबले की भविष्यवाणी की। दावा किया जा रहा था कि अगर भाजपा सत्ता विरोधी भूमिका में बंट जाती है तो खेल बिगाड़ सकती है, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी बीआरएस को अपना समर्थन दे सकती है, लेकिन वर्ष 2023 में विधानसभा चुनावों के नतीजों में कांग्रेस तेलंगाना में अपनी सत्ता स्थापित करती दिख रही है।

