पानीपत, (आशु ठाकुर) : हजरत ख्वाजा हाफिज शम्सुद्दीन शम्सुलअर्ज शाह विलायत तुर्क पानीपती के तीन दिवसीय सालाना उर्स मुबारक के दूसरे दिन अंजुमन गुलामाने चिश्तिया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सज्जादानशीन व मुतवल्लि सय्यदद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी की जेरे सरपरस्ती में सुबह दरगाह कलंदर में जाकर दूध की रस्म अदा की गई।
बाद नमाज असर दरगाह जलालुद्दीन कबिरूल औलिया मखदूम में कुल शरीफ हुआ। इसके बाद हजारों अकीदतमंदो के साथ चादर मुबारक का जुलूस कलंदर चौक से होते हुए दरगाह शाह विलायत के मजार पर पहुंचा। इस अवसर पर बतौर मुख्यअतिथि कांग्रेस नेता संजय अग्रवाल ने शिरकत कर चादरपोशी की। बाद नमाज मगरिब गुसल शरीफ व गिलाफ पोशी की गई। सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी ने देश में अमनो-अमान, शांति, खुशहाली एवं भाईचारे के लिए दुआ कराई। सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी ने बताया कि यह हजरत ख्वाजा हाफिज शम्सुद्दीन शम्सुलअर्ज शाह विलायत तुर्क पानीपती का 744वां उर्स मुबारक है, जो कि हर साल अंजुमन गुलामाने चिश्तिया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के जेरे इंतेजाम मनाया जाता है। जिसमें देश-विदेश दूर-दराज से लाखों अकीदतमंद जायरीन ओ है। जिनके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था भी सोसायटी द्वारा की जाती है।

बाद नमाज ईशा महफिल ए शमा कव्वालियों का आयोजन किया गया। जिसमें देश के जाने-माने कव्वालों ने शिरकत कर अपनी प्रस्तुति दी। देर रात तक अपने सुफीयाना कलामों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर दरगाह के मुख्य खादिम सय्यद हामिद हुसैन साबरी, शाकिर अलली अंसारी एडवोकेट, सुरेश कुमार कांगड़ा मीडिया प्रभारी, हाजी राव शेर मुहम्मद, हाजी अकरम चेयरमैन, हाजी तालिब साबरी, सोहराब साबरी, कारी नसीम साबरी, अन्नु साबरी, वसीम, इसरार, अजय पुनिया, रिम्मी शर्मा, मा. आलम, मा. सिराज, फहीम, आमिर, सलमान, अकबर बाबा, बाबा मेशी शाह, सूफी इस्रार आिद मौजूद रहे।


