हरियाणा में मंगलवार से विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो रहा है। जिसको लेकर कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और सरकार के खिलाफ बेरोजगारी, अपराध और घोटालों को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रखी है। पिछले सप्ताह कांग्रेस ने विधायक दल की मीटिंग को बुलाया था और इस पर फैसला किया था।
बता दें कि कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को फिर से चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाई गई। जिसमें बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। यहां तय किया कि कौन सा विधायक किस मुद्दे को सदन में उठाएगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहली सीएलपी मीटिंग में कहा कि सरकार को सहकारिता, आयुष्मान, खनन और एफपीओ समेत विभिन्न घोटालों के मुद्दे को उठाना चाहिए। बेरोजगारी, कौशल रोजगार निगम की गड़बड़ियों, युवाओं को युद्ध क्षेत्र इजराइल में भेजने, हरियाणा की भर्तियों में बाहर के लोगों को प्राथमिकता देने, भर्ती घोटालों और अग्निपथ योजना जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। सदन में बढ़ता नशा, एससी-बीसी बच्चों का वजीफा बंद होने, एससी वर्ग की योजनाओं, शिक्षा के गिरते स्तर, किसानों की स्थिति, मौसम की मार, बाढ़ के मुआवजे, परिवार पहचान पत्र की गड़बड़ियों, सड़कों की खस्ता हालत और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को भी प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा।

विधायकों की जिम्मेदारियों को लेकर विभाजन किया गया है और सदन में उन्हें स्थगन और ध्यानाकर्षण के प्रस्ताव देने का आदेश दिया गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जनता को आने वाले बजट सत्र से कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि इस सरकार ने केवल कर्जा बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया है। उन्होंने भर्ती में हो रही धांधली के आरोपों पर भी बात की और कहा कि सरकार को युवाओं की शिकायतों को सुनना चाहिए। वहां के लोगों की नियमित भर्तियों में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ उन्होंने चेतावनी भी दी। फिरौती और फायरिंग की वारदातों पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार ने कानून व्यवस्था का दिवाला निकाल दिया है। अपराधी बेखौफ हैं और लोग डर के साये में जी रहे हैं।
