हरियाणा के जिला सोनीपत के हलका गोहाना के गांव कथूरा में किसान नेता अक्षय नरवाल और उनके साथियों की रिहाई की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी कई किसान नेताओं ने भाग लिया। सभी दौरान सभी किसान नेताओं ने अपने-अपने विचारों को रखा और सर्वसम्मति से एकजुट होकर आगामी निर्णय लिया।
इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवा किसान किसी भी अराजकता फैलाने की घटना में शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद भी उन पर संगीन धाराएं लगाई गई हैं। राष्ट्रीय नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने पंचायत प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति लेकर सरकार को 6 मार्च तक का अल्टीमेटम देने की मंच से घोषणा की। इस पर सभी ग्रामीणों ने भी सहमति जताई। 6 मार्च तक रिहाई नहीं होने पर उन्होंने 7 मार्च को जींद में पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर सरकार को 6 मार्च तक तीनों युवाओं की रिहाई का अल्टीमेटम दिया गया। अगर तीनों युवाओं की रिहाई नहीं की गई तो ग्रामीण 7 मार्च को जींद में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करेंगे।

साथ ही निर्णय लिया गया कि युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर फिलहाल ग्रामीणों का धरना जारी रहेगा। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार के खिलाफ अन्याय के विरूद्ध महापंचायत रखी गई। जिसमें किसान नेता अक्षय नरवाल और उनके दोनों साथियों की रिहाई की मांग उठाई गई। किसानों ने कहा कि अगर अक्षय नरवाल और उसके साथियों का कोई कसूर है तो पंचायत के बीच आकर बताया जाए। अगर उनका कोई कसर नहीं है तो बिना देरी किए उन्हें रिहा किया जाए।

इस दौरान महापंचायत में सर्वसम्मति से तीनों युवाओं की रिहाई के लिए सरकार को 6 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही 7 मार्च को ग्रामीणों ने जींद में पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि गांव कथूरा में युवाओं रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी रहेगा।

वहीं महापंचायत में पहुंचे किसान नेताओं ने बताया कि अक्षय नरवाल 12 फरवरी को किसान संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों की बैठक में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ गए थे। चंडीगढ़ से वह दूसरे दिन किसान संगठनों से मिलने के लिए खनौरी बॉर्डर पहुंचे। इस दौरान बॉर्डर से वापस लौटते समय पुलिस ने अक्षय नरवाल, प्रवीण और वीरेंद्र कोयल को गिरफ्तार कर लिया।

किसान नेताओं ने बताया कि तीनों युवक 13 फरवरी से ही जींद जेल में बंद हैं। युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीण बीते करीब एक सप्ताह से धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को तीनों की रिहाई की मांग को लेकर महापंचायत की गई। महापंचायत में विभिन्न किसान संगठन और राजनैतिक दलों के नेता भी पहुंचे।
