हरियाणा के पानीपत(Panipat) के कच्चा कैंप हरि बाग कालोनी निवासी 56 वर्षीय बहन रानी ढींगड़ा(Rani Dhingra) इन्सां आज भले ही दुनियां में न हों, परंतु उनकी आंखें दुनिया को देखती रहेंगी।
डेरा सच्चा सौदा की ब्लाक कमेटी सदस्य ईश कुमार इन्सां ने बताया कि बहन रानी ढींगड़ा इन्सां मंगलवार को अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजी। उन्होंने जीते जी ही संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की प्रेरणा पर चलते हुए नेत्रदान का संकल्प लिया हुआ था। बहन के पति रमेश ढींगड़ा इन्सां (हरियाणा प्रदेश 85 मेंबर कमेटी सदस्य) ने रानी ढींगड़ा इन्सां की अंतिम इच्छा को पूरी करते हुए उनके नेत्रदान करने का निर्णय लिया।
सामान्य अस्पताल से डॉ. केतन भारद्वाज, डाॅ. सुरेंद्र शर्मा व जन सेवा दल की टीम उनके घर पहुंची तथा बहन रानी की आंखें सुरक्षित रख कर रोहतक पीजीआई(Rohtak PGI) भेजी। जिनका उपयोग किसी नेत्रहीन को दृष्टि देने में किया जाएगा। इस मौके पर रानी ढींगड़ा के पति रमेश ढींगड़ा इन्सां, पुत्र आकाश इन्सां, राजू इन्सां के परिवार के सदस्य व पानीपत की साध संगत के साथ जन सेवा दल की टीम मौजूद रही।







