आशा वर्कर्स का विरोध प्रर्दशन जारी, मांगे नहीं मानी तो आगे बढ़ाया जाएगा धरना

झज्जर

लघु सचिवालय परिसर में नौवें दिन भी आशा वर्करों का धरना प्रदर्शन जारी है। सीएचसी जमालपुर और दुबलधन की आशा वर्कर्स ने धरने स्थल पर मौजूद रहकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मांगे नहीं मानी तो वे अपना विरोध जारी रखेंगी, जिसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी।

जानबूझकर हड़ताल को लंबा खींचना चाहती है- सरकार

धरने की अध्यक्षता प्रधान सुमित्रा व संचालन सचिव सविनि माजरा ने की। इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष प्रवेश मातनहेल, किरण, मूर्ति, नवीन, ममता, सुदेश, सुमित्रा, अनिता, सुनील,सुनीता आदि ने सबोंधित किया। उन्होंने बताया कि सरकार कि तरफ से बातचीत का कोई प्रस्ताव अभी तक नहीं आया है सरकार जानबूझकर हड़ताल को लंबा खींचना चाहती है यदि सरकार ने जल्द ही यूनियन को बातचीत के लिए नहीं बुलाया तो हड़ताल को 17 अगस्त से आगे बढ़ा दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी।

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न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये किया जाए

उन्होंने सरकार से जल्द-से-जल्द आशा वर्कर्स की मांगों व समस्याओं का समाधान करने की मांग की हैं। उन्होंने बताया कि नहीं तो आंदोलन लंबा चलाया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसलिए सरकार को हम बार-बार आगाह कर रहे हैं कि आशा वर्कर्स की मांगो को पूरा किया जाए। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये किया जाए। आशाओं के वेतन को मंहगाई भत्ता के साथ जोड़ा जाए और रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष कर दि जाए।