उत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने, संगठित अपराध, गैंगस्टरों की गतिविधियों, आतंकवाद और अन्य आपराधिक चुनौतियों पर नजर रखने के लिए Panchkula में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय अंतरराज्यीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) के अधिकारी शामिल हुए।
बेहतर तालमेल और समन्वय पर जोर:
बैठक में अंतरराज्यीय नशा तस्करी, संगठित अपराध और आतंकवाद से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने पर चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि नशा तस्करी, आतंकवाद और अन्य अपराधों से निपटने के लिए राज्यों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपराधी अक्सर एक राज्य में अपराध करने के बाद दूसरे राज्य में छिप जाते हैं, इसलिए यदि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल बेहतर होगा तो अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है।
पंचकूला में अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय स्थापित होगा:

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंचकूला में राज्य अपराध शाखा के मुख्यालय में एक अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय स्थापित किया जाएगा। इस सचिवालय का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाना, मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित जानकारी साझा करना और तस्करी के स्रोत, मार्ग और संपर्क स्थापित करना होगा।
राज्य अपराध शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका:
राज्य अपराध शाखा पंचकूला में स्थापित होने वाला यह ड्रग सचिवालय, मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध और बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी उपाय तैयार करेगा। इसके अलावा, पुलिस महानिदेशक ने बताया कि खुफिया जानकारी का साझा करना, बेहतर समन्वय और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल, तस्करी और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद करेगा।
2018 में शुरू हुई संयुक्त रणनीति का विस्तार:
यह बैठक 2018 में शुरू की गई संयुक्त रणनीति का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ के पुलिस प्रमुखों ने एक साथ मिलकर नशे की तस्करी और अपराध से निपटने के लिए योजना बनाई थी। अब इस योजना के तहत अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय की स्थापना की जा रही है ताकि अपराध और नशे के बढ़ते व्यापार को रोकने के लिए सभी संबंधित राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।





