पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और नशे व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। बैठक में डी.जी.पी. गौरव यादव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों और आगामी कदमों के बारे में जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश
डी.जी.पी. ने बताया कि मुख्यमंत्री मान ने सभी जिलों के एस.एस.पी. को फील्ड में ज्यादा समय बिताने, पुलिस थानों का औचक निरीक्षण करने और जनता के साथ नियमित रूप से बैठकें करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनका मुख्य काम जनता को न्याय दिलाना है और उन्होंने फर्जी पर्चों के मामलों की निष्पक्ष जांच करने की बात भी कही।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिसिंग सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को एम.एल.आर. (मेडिकल लीगल रिपोर्ट) मैरिट बनाने के आदेश दिए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने पेशेवर पुलिसिंग पर जोर दिया और अधिकारियों से उच्च मानकों के अनुसार काम करने की उम्मीद जताई।
10 हजार पदों पर भर्ती और पुलिस विभाग की अपग्रेडेशन
डी.जी.पी. ने बताया कि मुख्यमंत्री मान ने पुलिस विभाग में सृजित 10 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा, पंजाब पुलिस को अपग्रेड करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने सभी एस.एच.ओ. (स्टेशन हाउस ऑफिसर) को नई गाड़ियां प्रदान करने का भी आदेश दिया है।
नई जेल और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने पंजाब में खतरनाक कैदियों को रखने के लिए एक आधुनिक जेल बनाने का भी ऐलान किया है। इसके साथ ही, नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।
यह बैठक और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं पंजाब पुलिस के सुधार और जनता की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।





