हरियाणा के किसान परंपरागत खेती को छोड़कर संरक्षित खेती की तरफ झुकाव कर रहे है। प्रगतिशील किसान विजय खीरे की खेती से 1 साल में 5 लाख का मोटा मुनाफा कमा रहे है। उनको सरकार और बागवानी विभाग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसके लिए वो बाकी किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं। आज के दौर में किसानों में लगातार घटते मुनाफे को लेकर किसान बेहद चिंतित है। परंपरागत खेती में किस को अपना ज्यादा भविष्य नजर नहीं आता। यही वजह है कि किसान सुरक्षित खेती की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहा है।

इसी को लेकर सरकार भी नई-नई योजनाएं चला रही है और सब्सिडी के जरिए किसानों को उन्नत बना रही है। जातिगत कैटेगरी के हिसाब से और फसल के मुताबिक बागवानी विभाग अलग-अलग तरह की सब्सिडी दे रहा है। ताकि फसल के जरिए मोटा मुनाफा कमाया जा सके।यमुनानगर जिले के चमरौडी गांव के रहने वाले प्रगतिशील किसान विजय इजरायली तकनीक के जरिए खीरे की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि खीरे की खेती से मुझे दूसरी फसलों के मुकाबले बेहतर रिजल्ट मिल रहा है। सरकार की तरफ से भी समय-समय पर पूरा सहयोग मिल रहा है।

90 दिन में हो जाती है फसल तैयार
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा सरकार के साथ-साथ बागवानी विभाग भी कदम से कदम मिलाकर किसानों के साथ है। यमुनानगर बागवानी विभाग के अधिकारी कृष्ण सोलंकी ने बताया कि हरियाणा में इजरायली तकनीक से खीरे की खेती की जा रही है। इस खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि 90 दिन में यह फसल तैयार हो जाती है। 1 एकड़ में किसान कम से कम 5 लाख रूपये आसानी से मुनाफा कमा लेता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में नेट हाउस और पोली हाउस के जरिए सुरक्षित खेती की जा रही है। जिससे किसानों को काफी फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि खीरे की खेती के साथ-साथ रंग बिरंगी शिमला मिर्च की खेती भी की जा सकती है।

सरकार दे रही इन फसलो की अच्छी सब्सिडी
हरियाणा में अब संरक्षित खेती का प्रचलन धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि सरकार अच्छी खासी सब्सिडी दे रही है और इन फसलों की कभी भी पैदावार की जा सकती है। जिसका मार्केट में अच्छा खासा दाम मिलता है। ऐसे प्रगतिशील किसान बाकी किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि इस तरह की खेती में एक्सपेरिमेंट कीजिए और अच्छा मुनाफा कमाए।