Delhi दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 48 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को 22 सीटों पर सिमटना पड़ा। इस नतीजे के साथ राजधानी की सत्ता में एक दशक से काबिज अरविंद केजरीवाल सरकार की विदाई हो गई है।
BJP की नई सरकार के गठन के बाद दिल्ली में कई अहम बदलावों की संभावना जताई जा रही है। इनमें सबसे बड़ा फैसला ‘मोहल्ला क्लीनिक’ से जुड़ा हो सकता है, जिसे ‘अर्बन आरोग्य मंदिर’ के नाम से रीब्रांड करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मोहल्ला क्लीनिक को नए कलेवर और कार्यशैली के साथ पेश किया जाएगा, जिससे इसकी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।

BJP की नई रणनीति: नाम ही नहीं, सिस्टम भी बदलेगा?
दिल्ली में AAP सरकार के कार्यकाल में मोहल्ला क्लीनिक को एक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के रूप में स्थापित किया गया था। इसकी तारीफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी हुई, लेकिन इसके साथ विवाद भी जुड़े रहे। BJP ने लगातार इस योजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे, चाहे वह दवाओं की आपूर्ति में घोटाला हो, डॉक्टरों की नियुक्ति में गड़बड़ी हो या फिर निर्माण लागत में अनियमितताएं। अब जब BJP सत्ता में है, तो इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय नए नाम और नई कार्यशैली के साथ पेश किया जाएगा।
यह AAP की राजनीति को कमजोर करने की दिशा में भी एक अहम दांव होगा। मोहल्ला क्लीनिक, जो कि AAP सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक रही है, उसका नाम बदलना BJP के लिए एक प्रतीकात्मक जीत साबित हो सकता है। इससे आम जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि BJP सरकार सिर्फ सत्ता में नहीं आई है, बल्कि वास्तविक बदलाव ला रही है। AAP के लिए यह फैसला राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका हो सकता है।
दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के साथ नीतियों और योजनाओं में बदलाव होना स्वाभाविक है, लेकिन मोहल्ला क्लीनिक से अर्बन आरोग्य मंदिर तक का सफर केवल नाम बदलने तक सीमित रहेगा या इसमें असल सुधार देखने को मिलेंगे, यह देखने वाली बात होगी।