Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of Copy of हिमाचल में फोरलेन के खिलाफ गरजे लोग NHAI को घेरा 5

बड़ी खबर: गब्‍बर ने सस्‍पेंड किए तीन इंस्‍पेक्‍टर

हरियाणा की बड़ी खबर

वर्क स्लिप घोटाले में अनिल विज की बड़ी कार्रवाई
तीन लेबर इंस्पेक्टर सस्पेंड, फर्जी वेरिफिकेशन का पर्दाफाश
छह जिलों में गड़बड़ियों के बाद श्रम विभाग पर गिरी गाज


हरियाणा के श्रम विभाग में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था, जिसे लेकर राज्य के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन लेबर इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई तीन महीने चली आंतरिक जांच के बाद की गई, जिसमें हिसार समेत 6 जिलों में भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।

विज ने श्रम आयुक्त डॉ. मनीराम शर्मा को कार्रवाई के आदेश दिए, जिन्होंने निलंबन आदेश तुरंत प्रभाव से जारी कर दिए। जांच में यह पाया गया कि श्रम विभाग के निरीक्षकों और विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी वेरिफिकेशन किया गया, जिसके तहत वर्क स्लिप पर मनमर्जी से स्वीकृतियां दी जा रही थीं। इससे सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी तो हुई ही, कई फर्जी लाभार्थियों को भी लाभ मिल रहा था।

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सस्पेंड किए गए अधिकारियों में बहादुरगढ़ (झज्जर) सर्कल-2 के लेबर इंस्पेक्टर राज कुमार, सोनीपत सर्कल-2 के रोशन लाल और फरीदाबाद सर्कल-12 के धनराज शामिल हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है और जल्द ही अन्य संबंधित अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।

बताया जा रहा है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में बिना किसी फील्ड विजिट या दस्तावेजी जांच के फर्जी नामों की पुष्टि की गई, जिससे फंड रिलीज में गड़बड़ियां हुईं। अनिल विज ने साफ कहा है कि जो भी इस घोटाले में शामिल होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो किसी भी पद पर हो।

इस पूरे मामले ने श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह आशंका जताई जा रही है कि यह घोटाला राज्य स्तर पर कहीं ज्यादा व्यापक हो सकता है। विज की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और बाकी अधिकारियों को भी सख्त संदेश गया है कि लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।