➤ दिग्विजय चौटाला का अभय पर तंज, अपराध के लिए सीएम-डीजीपी जिम्मेदार
➤ जेजेपी युवा अध्यक्ष का दावा, 2029 में अधूरा काम करेंगे पूरा; कांग्रेस पर साधा निशाना
➤ सरकारी भर्तियां कोर्ट में लंबित, अफसरशाही हावी होने का आरोप
जन नायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने हाल ही में जींद में अपने चाचा अभय सिंह चौटाला पर तीखा तंज कसते हुए हरियाणा में बढ़ते अपराध के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को जिम्मेदार ठहराया है। दिग्विजय चौटाला बुधवार शाम को जींद स्थित जेजेपी कार्यालय पहुंचे थे और गुरुवार सुबह पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जो लोग पहले यह दावा करते थे कि उन्हें एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो बदमाश उनकी शक्ल देखकर ही भाग जाएंगे, आज उन्हीं लोगों को धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने अभय चौटाला को मिली धमकी के सवाल पर कहा कि उन्हें पुलिस में केस दर्ज करवाना चाहिए, क्योंकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। दिग्विजय ने हंसते हुए यह भी कहा कि जो लोग एक दिन का सीएम बनने का सपना देख रहे थे, आज उनके साथ भी ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं। यह टिप्पणी अभय चौटाला के उस बयान पर सीधी प्रतिक्रिया थी जिसमें उन्होंने खुद को एक दिन का मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी।
जेजेपी नेता ने प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सीएम ने चेतावनी दी थी कि या तो बदमाशी छोड़ दो या फिर हरियाणा छोड़ दो, लेकिन बदमाशों ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया है और प्रतिदिन अपराध बढ़ता जा रहा है, जो उनकी चेतावनी का सीधा जवाब है।
अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जेजेपी युवाओं को जोड़ने का अभियान चला रही है और वे जिस भी गांव में जा रहे हैं, वहां भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि लोगों को इस बात का मलाल है कि उन्होंने 2019 में दुष्यंत चौटाला का साथ नहीं दिया। दिग्विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि जेजेपी संघर्ष करेगी, पुराने गिले-शिकवे मिटाए जाएंगे, और 2019 में जो काम अधूरा छोड़ा था, उसे 2029 में पूरा किया जाएगा। यह बयान आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों और जनसंपर्क अभियान को दर्शाता है।
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष चुने जाने को लेकर दिग्विजय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो कांग्रेसी नेता सारा दिन एक-दूसरे का सिर फुटव्वल करते रहते हैं, वे एक आदमी पर कैसे सहमत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों में एक-दूसरे के प्रति विरोध है और वे एक कुर्सी पर नहीं बैठ सकते। दिग्विजय के अनुसार, कांग्रेस का आगे बढ़ने का सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर यही है कि पार्टी बंटी हुई है। यह टिप्पणी कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों पर जेजेपी के रुख को उजागर करती है।
सरकारी नौकरी की भर्तियों के मुद्दे पर दिग्विजय चौटाला ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है और बीपीएल कार्ड काटे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का संचालन चंडीगढ़ से नहीं, बल्कि दिल्ली से हो रहा है। दिग्विजय ने पहले केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को युवाओं के साथ कुठाराघात बताया और फिर हरियाणा में सरकारी नौकरी की भर्तियां कोर्ट में लटकने पर भी निराशा व्यक्त की। यह बयान युवाओं के मुद्दों पर जेजेपी के फोकस को दर्शाता है।
कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ द्वारा जेजेपी को लेकर दिए गए बयान पर दिग्विजय चौटाला ने उन्हें अपनी जड़ें न भूलने की सलाह दी। दिग्विजय ने बताया कि उन्होंने खुद जस्सी पेटवाड़ का हाथ पकड़ कर इनसो में ज्वाइन करवाया था और उसे जिला प्रधान बनाया था। उन्होंने कहा कि आज जस्सी पेटवाड़ तरक्की कर गए और विधायक बन गए हैं, लेकिन उन्हें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। दिग्विजय ने उन्हें सलाह दी कि जहां से शिक्षा ली हो, उन्हें नहीं दुत्कारना चाहिए। उन्होंने जस्सी पेटवाड़ से अपनी राजनीति करने और जनता की सेवा करने को कहा, बजाय जेजेपी पर निशाना साधने के, क्योंकि इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।

