● बिजली दरों में वृद्धि की संभावना, हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने दी अनुमति की सिफारिश
● 200 यूनिट से अधिक खपत पर अतिरिक्त 94.47 रुपए एफएसए देना होगा
● 2024 में सरकार ने मासिक शुल्क माफ किया था, जिससे 9.5 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली
Haryana Electricity Price Hike: हरियाणा में 1 अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना है। इसकी मुख्य वजह उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का 4,520 करोड़ रुपए का घाटा बताया जा रहा है। इस घाटे को कम करने के लिए हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने बिजली दरों में आंशिक वृद्धि की अनुमति मांगी है। अगर सरकार ने मंजूरी दी, तो यह वृद्धि चार साल बाद लागू होगी।
बिजली दरों में बदलाव और फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA)
हरियाणा में 2022 के बाद बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी। उस समय 150 यूनिट तक की खपत पर 25 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हुई थी। फिलहाल, सरकार ने FSA को 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत 200 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वालों को 94.47 रुपए अतिरिक्त देना होगा। हालांकि, 200 यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।
बिजली वितरण निगमों का घाटा और उपाय
प्रदेश में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) का लाइन लॉस 12.37% और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) का 9.15% है। बिजली वितरण में सुधार और औसत आपूर्ति लागत (ACC) एवं औसत राजस्व वसूली (ARR) के अंतर को कम करने के लिए HERC के चेयरमैन नंद लाल शर्मा ने कई निर्देश जारी किए हैं।
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं की स्थिति
● दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम: 43.57 लाख से अधिक उपभोक्ता
● उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम: 37.39 लाख से अधिक उपभोक्ता
2024 में सरकार ने दी थी राहत
हरियाणा सरकार ने 2024 में 2 किलोवाट तक के मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए मासिक शुल्क माफ कर दिया था। इससे 9.5 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। इससे पहले उपभोक्ताओं को प्रति किलोवाट 115 रुपए मासिक शुल्क देना पड़ता था, जो अब हटा दिया गया है।

