Copy of खाटू श्याम धाम के लिए मुफ्त बस सेवा 34

अमेरिका के 50% टैरिफ लागू, हरियाणा की इंडस्ट्री पर बड़ा असर, जानें कहां-कहां टूट रही कमर

हरियाणा की बड़ी खबर

भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों पर 50% टैरिफ लागू
हरियाणा की ऑटो, गारमेंट, स्टील, कपड़ा और साइंटिफिक इंडस्ट्री पर सीधा असर
FIEO प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मिलकर नीतिगत मदद की मांग की


अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत से जाने वाले निर्यातित सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। इस नई नीति का सबसे बड़ा असर हरियाणा पर देखने को मिल रहा है, क्योंकि यहां की ऑटो पार्ट्स, गारमेंट्स, स्टील, इंजीनियरिंग, कपड़ा, फार्मा और साइंटिफिक उपकरण इंडस्ट्री अमेरिकी बाजार पर निर्भर है।

गुरुग्राम: ऑटो और गारमेंट्स पर सबसे बड़ा असर

मानेसर इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेजिडेंट पवन यादव ने बताया कि अमेरिका को होने वाले कुल ऑटो पार्ट्स निर्यात का 32% हिस्सा हरियाणा से जाता है। अब टैरिफ की वजह से 7 बिलियन डॉलर (₹61,000 करोड़) के निर्यात में से करीब ₹30,000 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
गुरुग्राम की गारमेंट इंडस्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। यहां की 400 से ज्यादा गारमेंट कंपनियों में से 150 से अधिक अमेरिका पर निर्भर हैं। गुरुग्राम इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जेएन मंगला का कहना है कि पिछले 10 दिनों में ऑर्डर कैंसिल हुए हैं और प्रोडक्शन ठप पड़ा है। कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका है।

Whatsapp Channel Join

Copy of खाटू श्याम धाम के लिए मुफ्त बस सेवा 35

हिसार: स्टील और एविएशन पर असर

हिसार एयरपोर्ट और इंटीग्रेटेड एविएशन हब (IAH) के विकास के लिए अमेरिका की USTDA से 10.53 करोड़ रुपए (1.25 मिलियन डॉलर) का निवेश तय हुआ था। लेकिन टैरिफ विवाद के कारण अब इस समझौते पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

पानीपत: कपड़ा उद्योग को भारी झटका

पानीपत से अमेरिका को हर साल करीब ₹12,000 करोड़ का निर्यात होता है। इसमें से क्रिसमस सीजन पर अकेले ₹1,500 करोड़ का सामान भेजा जाता है। लेकिन नए टैरिफ के बाद करीब 30% ऑर्डर अटक गए हैं। सबसे अधिक असर कुशन कवर, बाथ मैट, तौलिए, सोफा कवर और परदे के ऑर्डरों पर पड़ा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी ऑर्डर अब बांग्लादेश, पाकिस्तान और वियतनाम शिफ्ट हो सकते हैं।

करनाल: बासमती राइस पर सीमित असर

ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान सतीश गोयल ने बताया कि भारत से अमेरिका को केवल 4.5% बासमती चावल जाता है। इसलिए असर सीमित रहेगा। शुरुआत में हल्का झटका जरूर लगेगा, लेकिन खाद्य उत्पादों पर बड़ा असर नहीं होगा।

रोहतक: नट-बोल्ट इंडस्ट्री पर 4000 करोड़ का खतरा

रोहतक की नट-बोल्ट इंडस्ट्री पर करीब ₹4000 करोड़ का सीधा असर बताया जा रहा है। प्रमुख कंपनी LPS बोशार्ड अकेले अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए ₹200 करोड़ का निर्यात करती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कीमतें बढ़ने से अमेरिकी ग्राहक अब अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं।

अंबाला: साइंटिफिक इक्विपमेंट्स का एक्सपोर्ट घटा

अंबाला से करीब 500-600 करोड़ का साइंटिफिक इक्विपमेंट्स निर्यात अमेरिका जाता है। फिलहाल 25% ऑर्डर रद्द हो चुके हैं। एक्सपोर्टर डॉ. अनिल जैन के मुताबिक, यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

सरकार से मदद की अपील

whatsappimage2025 08 28at100101pm ezgifcom resize 1756400629

FIEO (Federation of Indian Export Organisations) के अध्यक्ष एससी रल्हन की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। निर्यातकों ने बताया कि टैरिफ बढ़ने से रोजगार, बाजार पहुंच और प्रतिस्पर्धा पर बड़ा असर पड़ेगा। वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार निर्यातकों और श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगी।