78945

सीधी भर्ती VLDA के तबादले रद्द, हाईकोर्ट ने राज्य को लगाई फटकार

हरियाणा की बड़ी खबर

सीधी भर्ती VLDA के जबरन तबादले को हाईकोर्ट ने बताया नीति के खिलाफ
सरकार की कार्रवाई को अवैध ठहराया, लगाया दो लाख का जुर्माना
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी – बेशर्मी से दाखिल किए गए हलफनामे बढ़ा रहे हैं मुकदमेबाजी


Haryana High Court: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में माना है कि सीधी भर्ती से नियुक्त पशु चिकित्सा एवं पशुधन विकास सहायकों (VLDA) को तब तक ऑनलाइन ट्रांसफर अभियान के तहत नहीं लाया जा सकता जब तक उनका न्यूनतम कार्यकाल पूरा नहीं होता। कोर्ट ने सरकार द्वारा किए गए इन तबादलों को स्थानांतरण नीति 2020 का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया और राज्य सरकार पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी ठोका।

यह आदेश जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने दिया, जिन्होंने सरकार की तरफ से दाखिल किए गए हलफनामे को बेहद लापरवाहीपूर्ण और गैरजिम्मेदाराना बताया। याचिकाकर्ताओं ने 28 मार्च 2024 की उस सूची को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 2024-25 ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में शामिल किया गया था।

Whatsapp Channel Join

याचिका में कहा गया कि वे अभी अपना न्यूनतम कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं और तबादले के लिए रिक्ति घोषित करना नियमों के खिलाफ है। 15 अक्टूबर 2020 की स्थानांतरण नीति के अनुसार भी यह ट्रांसफर अवैध था।

हाईकोर्ट ने सरकार की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि अस्थायी नियुक्त VLDA के पदों को खंड 3(J)(iii) के अंतर्गत रिक्त माना जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि खंड 9 उन कर्मचारियों पर लागू होता है जो सीधी भर्ती, प्रत्यावर्तन या पदोन्नति से आए हैं और इसलिए उन्हें जबरन ट्रांसफर करना गलत है।

इसके अलावा कोर्ट ने 8 फरवरी 2024 को नीति में किए गए बदलावों को भी पूर्वव्यापी (retrospective) रूप से लागू करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस तरह के मौलिक संशोधन भविष्य में ही लागू हो सकते हैं।