➤ भिवानी पुलिस ने मनीषा केस CBI को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भेजा
➤ CBI को सौंपे जाएंगे कॉल डिटेल, CCTV फुटेज, सुसाइड नोट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
➤ डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा- अब पूरे केस की जांच CBI करेगी
हरियाणा के चर्चित टीचर मनीषा की मौत के केस की जांच अब सीबीआई करने जा रही है। भिवानी पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, अगले 10 दिनों में केस की फिजिकल फाइल CBI को सौंप दी जाएगी। इसके बाद CBI इस मामले की अलग से FIR दर्ज कर जांच शुरू करेगी।
हरियाणा पुलिस ने अब तक की जांच का पूरा ब्यौरा एक “जीवनी” के रूप में तैयार कर लिया है, जिसमें शुरुआती दिन से लेकर पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक और गवाहों के बयान तक की डिटेलिंग शामिल है। यह रिपोर्ट भी CBI को सौंपी जाएगी। जुटाए साक्ष्यों और अब तक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन इसे लोग हत्या के रूप में देख रहे हैं और मामला जनभावना से जुड़ा हो गया है।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सैणी सरकार के लिए भी इस मामले में नाक बचाने वाली बात हो गई है। लिहाजा अब सीबीआई इस मामले की जांच करेगी। लोगों को आस है कि जल्द ही मामले में सच्चाई सामने आ सकेगी और प्रदेश को शांति मिल सकेगी।
DGP शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को भिवानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब CBI इस मामले के दूसरे पहलुओं पर भी जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट अहम रही, लेकिन CBI इसे और गहराई से देख सकती है।
मुख्य गवाह और सबूत
इस केस में पुलिस ने कई अहम सबूत और गवाह जुटाए हैं जिन्हें अब CBI के हवाले किया जाएगा। इनमें सबसे अहम हैं –
- कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR): मनीषा ने 11 अगस्त को अपने पिता को फोन किया था। कॉल डिटेल्स उसके अंतिम पलों की सच्चाई सामने ला सकती हैं।
- CCTV फुटेज: पुलिस ने घटनास्थल तक के 10 किमी एरिया में CCTV खंगाले हैं। इनमें वह फुटेज भी शामिल है जिसमें मनीषा कीटनाशक खरीदते हुए नजर आई थी।
- सुसाइड नोट: शव के पास मिला सुसाइड नोट, जिसकी हैंडराइटिंग मैच की गई और मनीषा की लिखावट से पूरा मेल खाई।
- घटनास्थल के वीडियो: पुलिस ने ई-साक्ष्य एप पर घटनास्थल के वीडियो अपलोड किए थे। इसमें दो गवाहों ने कुत्तों का झुंड शव पर झपटते देखा था।
- तीन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: भिवानी, रोहतक PGI और दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट्स को भी CBI को सौंपा जाएगा।
संवेदनशील मामला – CM और DGP की लगातार नजर
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरियाणा सरकार, CM सैनी और DGP शत्रुजीत कपूर खुद अपडेट लेते रहे। हालात बिगड़ने से पहले ही DGP ने रोहतक सुनारिया में डेरा डालकर पल-पल की जानकारी ली। वहीं, IG वाई पूरण कुमार और भिवानी पुलिस लगातार एक्टिव मोड में रहे।
अब बारी CBI की है कि वह इस पूरे केस की तह तक जाकर सच सामने लाती है।