हरियाणा के गुरुग्राम में सोमवार को रेस्टोरेंट में खाना खाने गए दोस्त और परिवार के लोगों को वेटर द्वारा दिए गए माउथ फ्रेशनर खाने से मुंह से खून निकलने के मामलें में पुलिस ने रेस्टोरेंट के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार मंगवार को मानेसर के एसीपी सुरेंद्र सुरेन जांच के लिए रेस्टोरेंट पहुंते तो वह बंद मिला। पुलिस ने सभी दरवाजे चेक किए लेकिन लॉक मिले। पुलिस को शक है कि घटना के बाद रेस्टोरेंट संचालक ताला लगाकर फरार हो गया है।
दरअसल सोमवार को नोएडा निवासी अंकित कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। खाने के बाद उन्हें माउथ फ्रेशनर दिया था। जिसे खाने के बाद सभी के मुंह से खून निकलने लगा। अंकित ने बताया कि वह अपनी पत्नी नेहा, मानिक अपनी पत्नी प्रीतिका और दीपक अरोड़ा अपनी पत्नी हिमानी के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। खाना खत्म होने के बाद उन्हें रेस्टोरेंट की महिला वेटर अमृतपाल कौर ने माउथ फ्रेशनर आफर किया। अंकित ने बताया कि उन्होंने अपनी एक साल की बेटी को गोद में लिया हुआ था, इसलिए उन्होंने माउथ फ्रेशनर नहीं खाया, जबकि उसकी पत्नी समेत पांच साथियों ने माउथ फ्रेशनर खा लिया। इसके बाद उनके मुंह में जलन पड़ने लगी। मुंह से खून निकलने लगा और उल्टी आने लगी।

वेटर से कब्जे में लिया माउथ फ्रेशनर का पैकेट
तबीयत ज्यादा खराब होने पर अंकित ने वेटर से माउथ फ्रेशनर का पैकेट अपने कब्जे में ले लिया। इसके बावजूद रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने उनकी कोई मदद नहीं की। उन्होंने खुद 100 नंबर पर फोन किया। सभी को निजी अस्पताल ले जाया गया। अंकित ने जब वह पैकेट डॉक्टर को दिखाया तो डाक्टर ने उसे ड्राई आइस बताया। डॉक्टर के अनुसार यह जानलेवा एसिड है। इसके सेवन से जान भी जा सकती है। खेड़कीदौला थाने के एसएचओ मनोज ने कहा कि केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में जो लोग संलिप्त होंगे उन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
डॉक्टर के अनुसार हो सकती थी मौत

शिकायतकर्ता अंकित कुमार ने बताया कि मैंने माउथ फ्रेशनर का पैकेट एक डॉक्टर को दिखाया। जिन्होंने कहा कि यह सूखी बर्फ है। डॉक्टर के अनुसार यह एक तेजाब है जिससे मौत हो सकती है। कुमार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
रेस्तरां के कर्मचारी फरार

माउथ फ्रेशनर खाने के बाद बीमार पड़े लोगों को देखकर रेस्तरां के कर्मचारी फरार हो गए। इधर पुलिस ने रविवार को खेड़की दौला पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 328 (जहर के माध्यम से चोट पहुंचाना) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

