Sonipat Air Quality

Sonipat में Air Quality इंडेक्स Top पर आने का मामला, Department की मिली लापरवाही

बड़ी ख़बर सोनीपत हरियाणा

सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स टॉप में आने के पीछे विभाग की लापरवाही सामने आई है। जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स देश में सबसे ज्यादा पहुंच गया था। अधिकारी बता रहे हैं कि एयर क्वालिटी इंडेक्स उपकरण का मेंटेनेंस समय पर नहीं हो पाया, जिसके चलते बार-बार सोनीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स से देश में टॉप लेवल पर जा रहा था। अब विभाग द्वारा उपकरण का मेंटेनेंस करवाया है तो 250 पर एयर क्वालिटी इंडेक्स दिखाई दे रहा है। हालांकि यह भी खराब स्थिति में है

सोनीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स से लगातार टॉप में दिखाई दे रहा था। सोनीपत से सटे हुए अन्य जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स से काफी कम नजर आ रहा था। विभाग के अधिकारियों ने एयर क्वालिटी इंडेक्स को चेक करने वाले उपकरण का मेंटेनेंस ना होने की वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स से खराब दिखाई दे रहा था। जिसके कारण सोनीपत सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल नजर आ रहा था। फिलहाल सोनीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर काफी राहत है और रियल टाइम डाटा के  मुताबिक सोनीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स 250 पर है।

दो दिन से दिखाई दे रही क्वालिटी इंडेक्स से ज्यादा

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अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स से बहुत ज्यादा दिखाई दे रहा था। जानकारी के मुताबिक के उपकरण को चेक किया गया तो उसमें कैलिब्रेशन नहीं किया गया था।  तकनीकी खराबी होने के चलते इस प्रकार का आंकड़ा सामने आया। वहीं अधिकारी ने कहा है कि आप उपकरण को करवा दिया गया है। 24 घंटे का डाटा मिलने के बाद उसे अपलोड किया जाएगा। एक बार फिर एयर क्वालिटी इंडेक्स सोनीपत का नाम प्रदर्शित होगा।

वही अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय 10PM तक 250 माइक्रोग्राम जो 250 से खराब कैटेगरी में शामिल होता है। इसी को लेकर ग्रेप भी लागू किया गया है और उसी के अनुसार कार्रवाई भी की जाती है।

ग्रेप से सबंधित नियमों का पालन करवाने के किए जा रहे प्रयास

वही अधिकारी ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ाने के पीछे कई प्रकार के कारण है। अधिकारी ने कहा है कि ग्रेप्स से संबंधित सभी नियमों को पालन करवाने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। वही भवन निर्माण कार्य पर अभी किसी भी प्रकार का कोई पाबंदी नहीं है लेकिन नियमों का पालन करना बेहद अनिवार्य रहेगा।  डस्ट पोर्टल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने को लेकर भी नोटिस भेजे गए हैं। 48 साइटस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाई गई है वही अधिकारी का यह भी कहना है कि कोई भी पदार्थ अगर ढका हुआ नहीं मिला है और पानी छिड़काव नहीं हो रहा है ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रेप की बनाई अलग-अलग स्टेज

प्रदूषण विभाग ऑफिसर प्रदीप सिंह का कहना है कि प्रथम चरण में ग्रेप लागु किया गया है जैसे ही एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ेगा,उसके अनुसार एक्शन प्लान पहले से ही बनाया हुआ है। अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ता है और प्रदूषण की मात्रा बढ़ती है तो उसके लिए ग्रेप के अलग-अलग स्टेज बनाई हुई है और उसी के अनुसार कार्रवाई और पालन करवाया जाता है।

वहीं किसानों द्वारा फसल अवशेष में आग लगाने की घटनाओं पर कृषि विभाग और रेवेन्यू डिपार्टमेंट लगातार कार्रवाई कर रहा है। वही इंडस्ट्री एरिया में दो जगह गार्बेज में आग लगाने के मामले सामने आए थे और उनपर 5000-5000 के जुर्माना लगाए गए हैं।